उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के खाते में रविवार को एक खास उपलब्धि जुड़ गई। प्रयागराज मंडल देश का पहला ऐसा मंडल बन गया जहां मालगाड़ी 71 किमी प्रतिघंटे की औसत चाल से चली। इस दौरान गाजियाबाद से प्रयागराज जंक्शन होकर पंडित दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू ) तक के सफर में मालगाड़ी ने महज 10.40 घंटे का ही समय लिया। मालगाड़ी की औसत स्पीड 71 फीसदी से ज्यादा होने पर डीआरएम अमिताभ ने परिचालन विभाग के अफसरों एवं कर्मचारियों को बधाई भी दी।
कोविड-19 के दौरान एनसीआर प्रशासन का माल लदान पर विशेष ध्यान है। ताकि देश भर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बने रहे। लॉक डाउन के पूर्व प्रयागराज मंडल में मालगाड़ियों की औसत स्पीड 23 से 25 किलोमीटर प्रतिघंटा ही थी। इसे अफसरों ने पिछले माह तक 45 किमी प्रतिघंटा कर लिया। अगस्त माह की 28 तारीख तक मंडल में मालगाड़ी की औसत स्पीड 47.54 किमी प्रतिघंटा कर ली गई, लेकिन रविवार को प्रयागराज मंडल ने इतिहास ही रच दिया।
गाजियाबाद से रात 12.55 बजे मालगाड़ी चली जो छिपियाना बुजुर्ग, टूंडला, कानपुर गुड्स शेड, प्रयागराज जंक्शन होते हुए सुबह 11.35 बजे डीडीयू पहुंच गई। यहां तक के सफर में मालगाड़ी को कुल 10.40 घंटे का समय लगा। जबकि इस रूट पर चलने वाली सुपरफास्ट पूर्वा एक्सप्रेस, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस आदि यात्री ट्रेनें गाजियाबाद से डीडीयू पहुंचने में 11 से 12 घंटे तक का समय लेती हैं।
डीआरएम अमिताभ ने बताया कि इस मालगाड़ी की औसत स्पीड 71.43 प्रतिघंटा आई। प्रयागराज मंडल के लिए एक बड़ी कामयाबी है। उधर सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इस रूट पर रविवार को एक दूसरी मालगाड़ी ने भी 66 किमी प्रतिघंटा की औसत स्पीड हासिल की। यह मालगाड़ी रात 1.05 बजे गाजियाबाद से क्रास हुई जो दिन में एक बजे डीडीयू पहुंच गई। इसके एक वैगन के दरबाजे में समस्या आ जाने की वजह से वह 30 मिनट खड़ी रही। नहीं तो इसकी औसत स्पीड 66 किमी प्रतिघंटा से ज्यादा ही रहती।