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शोभायात्रा : घोड़ों से मनौतियों का निशान लेकर पहुंचे मां ललिता के द्वार

Mon, 25 Apr 2022 01:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी के दरबार में वैशाख अष्टमी पर रविवार को आस्था मेला देखते बना गेंदा, गुलाब, बेला, मोगरा समेत कई तरह के रंग-बिरंगे फूलों से सजे मां के दरबार में पूजन के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा।
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Prayagraj News : ललिता देवी शक्तिपीठ। - फोटो : प्रयागराज
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विस्तार
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सुसज्जित घुड़सवारों, ध्वजा-पताकाओं के साथ देर रात तक निशान शोभायात्राओं के हुजूम से मां ललिता धाम में बैशाख मेला का उत्सव हर किसी के लिए श्रद्धा-भक्ति और विश्वास का संगम बन गया। मां के दरबार में अपनी-अपनी मनौतियां लेकर कतारबद्धश्रद्धालु नारियल-चुनरी अर्पित करने के लिए आगे बढ़ते रहे। आस्था के इस मेले में कोई मां के भजनों पर थिरकता रहा तो कोई आराधना में लीन नजर आया। देर रात मां की आराधना पर आधारित लोकगीत बिरहा के मुकाबले में एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां यादगार बन गईं।

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मीरापुर स्थित सिद्धपीठ ललिता देवी के दरबार में वैशाख अष्टमी पर रविवार को आस्था मेला देखते बना गेंदा, गुलाब, बेला, मोगरा समेत कई तरह के रंग-बिरंगे फूलों से सजे मां के दरबार में पूजन के लिए श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। पुजारी शिवमूरत मिश्र ने चार बजे बोर में मंगला आरती कराई। सविधि पूजन के बाद सुबह पांच बजे आम भक्तों के लिए पट खोल दिए गए।  दिन भर दर्शन-पूजन चलता रहा।


इसी बीच दोपहर के वक्त सदियाबाद से बाजे गाजे के साथ निशान शोभायात्रा में के दरबार पहुंची। भक्तों ने मां को निशान अर्पित किया। इसके बाद शास्त्रीनगर और फिर पटेलनगर से घोड़े पर सवार होकर डीजे पर नाचते-थिरकते हुए भक्त निशान शोभायात्रा लेकर मां के दरबार पहुंचे। मान्यता है कि कभी पांडवों ने महाभारत का युद्ध जीतने के बाद ललिता देवी का दर्शन किया था। तभी से इस तिथि पर मां के दरबार में आस्थावानों का मेला लगता आ रहा है।
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इससे पहले कोलकाता से आए मालियों ने मां ललिता देवी का मोहक शृंगार किया। मंदिर जाने वाले मार्ग को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया। राज राजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी के रूप में मां ललिता देवी के भव्य शृंगार की झांकी सजाई गई। जयकारों के बीच देवी के पूजन और शृंगार दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
 

 

मंदिर समिति के अध्यक्ष हरिमोहन वर्मा की देखरेख में संगीत संध्या के तहत लोक गीत बिरहा प्रतियोगिता में राकेश यादव और सपना पाल ने लोक गीतों, भजनों की प्रस्तुति से हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। मां ललिता कल्याण समिति के महामंत्री धीरज नागर अन्य पदाधिकारियों के साथ व्यवस्था में जुटे रहे। 

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