नाग पंचमी पर प्रतापगढ़ में बाबा बेलखरनाथ धाम में उमड़ी भक्तों की भीड़।
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मकर संक्रांति का भी बना योग
इस दिन सूर्य के सिंह राशि में प्रवेश करने से सिंह संक्रांति का योग भी बना। इस तिहरे संयोग के कारण मंदिर में आस्था का माहौल और भी गहरा दिखा। सावन मेले को लेकर एसडीएम और सीओ ने पहले ही धाम का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिए थे। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, सीसीटीवी और सफाई की व्यवस्था की गई थी। हालांकि, श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के लिए आने वाले मार्गों पर अभी भी दिक्कतें रहीं। खीरीबीर पुल से सराय गनई और दिलीपुर होते हुए धाम तक जाने वाली सड़कें जगह-जगह गड्ढों में तब्दील हैं। हुमायूंपुर पुल का लिंटर क्षतिग्रस्त होने से नुकीली सरिया बाहर निकली हुई है। कांवरिया संघ के पदाधिकारियों ने प्रशासन से मार्गों की तत्काल मरम्मत और पेयजल की समुचित व्यवस्था की मांग की है। एसडीएम पूर्णेन्द्र मिश्रा ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए समस्याओं का जल्द निस्तारण कराया जाएगा।
इस दौरान सीओ पट्टी प्रदीप सिंह, एसडीएम पट्टी पूर्णेंदु मिश्रा, एस ओ दिलीप पुर विजयकांत सत्यार्थी, देवेंद्र पाठक आशीष कुमार लक्ष्मण सिंह बद्रीनाथ गिरी विश्वनाथ गिरी अरुण सिंह, मदन सिंह,शनि गिरी उदय सिंह,मोनू तिवारी सहित तमाम सहयोगी व पुलिस कर्मी मौजूद रहे। इस वर्ष सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगा। इस दौरान कुल 4 सोमवार पड़ रहे हैं। 17 अगस्त को पड़ने वाला यह संयोग 2003 के बाद पहली बार बना है, जिसे 20 साल बाद का दुर्लभ योग बताया जा रहा है। बाबा बेलखरनाथ धाम में देर शाम तक दर्शन-पूजन का सिलसिला चलता रहेगा ,नाग देवता को हल्दी, अक्षत, फूल चढ़ाएं। दूध पिलाने के बजाय प्रतीकात्मक पूजन को शास्त्रसम्मत माना गया है।