मंगलधाम आश्रम शिविर में करा रहा था सवा लाख हनुमान चालीसा का पाठ, अनुष्ठान बंद, शिष्य भागे
कुछ भाजपा नेताओं, बिल्डरों के चंदे से संजीव ने यज्ञ की आड़ में फैलाया था ठगी का मायाजाल
प्रयागराज। किशोरी से दुष्कर्म के मामले में गिरफ्तार ब्रह्मचारी संजीव महाराज के शिविर को शनिवार को शिष्यों ने भी छोड़ दिया। विश्व शांति और अयोध्या में शीघ्र भव्य भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण की कामना से दुष्कर्म के आरोपी बाबा ने माघ मेला में संगम पर सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ का ढोंग भी रचा था। इस अनुष्ठान की आड़ में पाखंडी बाबा ने सैकड़ों लोगों को झांसा देकर भीड़ बटोरने की कोशिश की थी। एक दिन पहले तक जहां इसके इसके शिविर में दिन भर भीड़ लगी रहती थी, वहीं गिरफ्तारी के बाद इस दिन सन्नाटा छा गया।
माघ मेले में मकर संक्रांति पर बीती 14 जनवरी को दुष्कर्म के आरोपी संजीव बाबा ने विश्व शांति और अयोध्या में जल्द भव्य मंदिर निर्माण के लिए सवा लाख हनुमान चालीसा पाठ और यज्ञ शुरू कराया था। इस अनुष्ठान के लिए संजीव महाराज ने बैरहना स्थित एक प्रतिष्ठान से सैकड़ों की तादाद में फ्लैक्स बोर्ड, बैनर, पोस्टर और झंडे तैयार कराए थे। पता चला है कि इस पाखंड के लिए चंदा कुछ भाजपा नेताओं और बिल्डरों ने दिया था। लेकिन फूल बेचने वाली किशोरी से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तारी के बाद बाबा के करीबी भक्तों के भी पैर के नीचे से जमीन खिसक गई है। संजीव ने एमपी के शहडोल जिले में मंगलधाम आश्रम की स्थापना की है। इसके अलावा उसने परमार्थ उत्थान एवं अनुसंधान संस्थान की भी स्थापना कर ठगी का मायाजाल फैलाया है।
बाबा की गिरफ्तारी के बाद सेक्टर तीन स्थित काली-अन्नपूर्णा मार्ग पर पावर हाउस के पास स्थित मंगल धाम आश्रम शिविर पर ताला लटक गया। बाबा के अनुयायी यज्ञ-अनुष्ठान बीच में छोड़कर फरार हो गए। शिविर के बाद दिनभर जहां लग्जरी कारें खड़ी रहती थीं, वहीं शनिवार को सन्नाटा पसरा रहा।
संजीव महाराज संत नहीं हैं। संत के वेश में उसने पाखंड रचा था। ऐसे पाखंडियों को चिह्नित कर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बाबा की संस्था को मेला प्रशासन को ब्लैक लिस्ट करना चाहिए, ताकि भविष्य में उसे किसी तरह की भूमि सुविधा न मिल सके। -महंत नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद।
स्वामी, महाराज शब्द अपने नाम के आगे लगाकर और तिलक-त्रिपुंड सजाकर संजीव महाराज जैसे ढोंगी संत परंपरा को कलंकित कर रहे हैं। माघ मेला संतों-कल्पवासियों के भजन और साधना के लिए है। ऐसे दुष्कर्मियों को टेंट, सुविधा से वंचित किया जाना चाहिए। -महामंडेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा।
फरार होते ही बदल दिया था हुलिया
प्रयागराज। किशोरी से दुष्कर्म के आरोपी आश्रम संचालक संजीव कुमार राय उर्फ संजीव महाराज ने फरार होने के बाद ही अपना हुलिया बदल लिया था। ऐसे में जब शनिवार को उसे पकड़ा गया तो एक बार के लिए तो पुलिसकर्मी भी चकमा खा गए। दरअसल, पुलिस को आश्रम से आरोपी की जो तस्वीर मिली थी, उसमें वह लंबे बाल रखे हुए था। हालांकि, पकड़े जाने के दौरान उसने मुंडन करवा रखा था। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि पुलिस से बचने के लिए ही उसने हुलिया बदल दिया था।