ओम प्रकाश पाल पर भी किया था जानलेवा हमला
राजूपाल हत्याकांड में माफिया अतीक के शूटर सरायअकिल कोतवाली के भखंदा निवासी अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में आया था। घटना के बाद से अब्दुल कवि फरार चल रहा था। इस बीच उसने राजूपाल हत्याकांड के गवाह ओमप्रकाश पाल पर जानलेवा हमला भी किया। पुलिस ने अब्दुल कवि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड बाद शूटरों के भखंदा गांव में छिपे होने की सूचना वर पुलिस ने अब्दुल कवि के घर पर बुलडोजर चलवा दिया था।
कवि सहित उसके मददगारों के यहां छापामारी की गई। इस दौरान 20 तमंचा 315 बोर, 12 तमंचा 312 बोर, 10 दोनाली बंदूक, नौ रायफल, दो रिवाल्वर, 30 बम समेत लाइसेंसी व गैर लाइसेंसी असलहों का जखीरा बरामद हुआ था। इसके बावजूद पुलिस अब्दुल कवि की रायफल नहीं खोज सकी। शूटर के मददगार व रिश्तेदार भी गिरफ्तार कर जेल भेजे जा चुके हैं। पर, कवि की रायफल का पता नहीं चल सका।
22 नवंबर को किया था सरेंडर
उमेशपाल हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने अतीक के शूटर कवि पर शिकंजा कसा तो उसने लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उसने बताया कि रायफल उसके भाई अब्दुल वली के पास है। पुलिस ने सप्ताह भर पहले वली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन रायफल नहीं बरामद की जा सकी है।
राजूपाल हत्याकांड के बाद लिया था लाइसेंस
राजूपाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक के शूटर अब्दुल कवि ने रायफल का लाइसेंस लिया था। हत्याकांड में जब उसका नाम सीबीआई जांच के दौरान प्रकाश में आया तो वह फरार हो गया। सबसे खास बात यह रही कि फरारी के दौरान भी अब्दुल कवि के लाइसेंस का नवीनीकरण हो गया। इसकी भनक अफसरों को नहीं लग सकी थी।
फरारी के दौरान जारी करा लिया था शस्त्र लाइसेंस
अतीक के गुर्गे अब्दुल कवि के भाई अब्दुल वली ने अदालत में आत्मसर्मपण करने के बाद गुर्गे अब्दुल कवि ने कुबूला था कि उसके भाइयों के पास उसकी लाइसेंसी रायफल है। इस मामले में फरार चल रहे कवि के भाई अब्दुल वली के खिलाफ धारा 82 के तहत कुर्की का आदेश हुआ था। फिलहाल पुलिस अब तक रायफल की बरामदगी नहीं कर सकी है।
प्रयागराज के चर्चित राजूपाल हत्याकांड में भखंदा निवासी अतीक के गुर्गे अब्दुल कवि का नाम प्रकाश में आया था। कवि पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद जब पुलिस ने शिकंजा कसा तो उसने लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में सरेंडर कर दिया। जांच में पता चला कि फरारी के दौरान उसने अपने नाम रायफल का लाइसेंस जारी कराया था।
पुलिस की रिपोर्ट पर लाइसेंस को जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया था। पुलिस तब से रायफल की तलाश कर रही थी। पुलिस ने अब्दुल कवि को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने बताया रायफल उसके भाई अब्दुल वली, अब्दुल कादिर, संदीपनघाट के लोहरा निवासी अब्दुल सऊद व फैज के पास है। मामले में अब्दुल कादिर, अब्दुल सऊद व फैज की गिरफ्तारी हो चुकी है।
अब्दुल वली फरार चल रहा था। पुलिस ने धारा 82 के तहत उसके घर में कुर्की का नोटिस चस्पा किया। मंगलवार 23 नवंबर 2023 को अब्दुल वली ने सीजेएम कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया है। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने बताया कि अब्दुल वली जेल भेजा गया है। रिमांड में लेकर उससे रायफल के बाबत पूछताछ की जाएगी।