परास्नातक के सभी पाठ्यक्रमों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को पूर्ण रूप से लागू किया जाना है। बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही पुराने कोर्स के सेलेबस में भी कुछ बदलाव किए जाने हैं।
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय एवं संघटक कॉलेजों में आगामी शैक्षिक सत्र 2022-23 के तहत स्नातक एवं परास्नातक के पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति के तहत अपडेट और अपग्रेड किए जाएंगे। इसी माह विश्वविद्यालय की बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में, जिसमें इस बारे में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने हैं।
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परास्नातक के सभी पाठ्यक्रमों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) को पूर्ण रूप से लागू किया जाना है। बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में इस पर निर्णय लिए जाने की तैयारी है। इसके साथ ही पुराने कोर्स के सेलेबस में भी कुछ बदलाव किए जाने हैं। कुछ सेलेबस हटाए जाएंगे और कुछ जोड़े जाएंगे। साथ ही परास्नातक में वैकल्पिक विषयों की संख्या बढ़ाए जाने की तैयारी है। कौशल विकास से संबंधित विषयों को वरीयता दी जाएगी, ताकि नए सत्र 2022-23 से इसे दाखिले की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
पीजी के पाठ्यक्रमों में व्यापक स्तर पर बदलाव किए जाने की तैयारी है। पीजी में नए सत्र से रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए जाने हैं, जिन पर बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। इसके साथ ही छात्र अंग्रेजी, मनोविज्ञान एवं लोक प्रशासन विषय से पीजी कर सकेंगे।
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इन पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए शासन ने मंजूरी दे दी है और प्रत्येक पाठ्यक्रम के लिए 30-30 सीटें निर्धारित की गई हैं। विश्वविद्यालय में प्राचीन इतिहास, सामाजिक कार्य, दर्शनशास्त्र, हिंदी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, अर्थशास्त्र, रक्षा अध्ययन एवं भूगोल में पीजी पाठ्यक्रम के साथ एमकॉम और एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पहले से चल रही है।