फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj : रेलवे कर्मी ने कमरे के अंदर फंदे से लटक कर दी जान, बहू खाना देने पहुंची तो लटका मिला शव

Fri, 13 Sep 2024 06:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बलईपुर रेलवे कालोनी निवासी विनोद कुमार (58) रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। परिवार में पत्नी लक्ष्मी देवी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें से एक बेटा बेटी की शादी हो चुकी है। बेटे विपिन बताया कि शुक्रवार सुबह हर रोज की तरह परिवार के सभी सदस्य उठकर अपने कामाें में जुट गए।
विज्ञापन
आत्महत्या। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के बलईपुर रेलवे कालोनी निवासी एक रेलवे कर्मचारी ने शुक्रवार सुबह कमरे के अंदर फंदे से लटक कर जान दे दी। बहू खाना लेकर पहुंची तो अंदर का नजारा देख उसके मुंह से चीख निकल गई। चीख पुकार सुन अन्य परिजन भी मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस कमरे की जांच पड़ताल कर शव को फंदे से उतरवाया।

विज्ञापन


बलईपुर रेलवे कालोनी निवासी विनोद कुमार (58) रेलवे में टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत थे। परिवार में पत्नी लक्ष्मी देवी के अलावा दो बेटे और दो बेटियां हैं, जिनमें से एक बेटा बेटी की शादी हो चुकी है। बेटे विपिन बताया कि शुक्रवार सुबह हर रोज की तरह परिवार के सभी सदस्य उठकर अपने कामाें में जुट गए। उनके पिता का दो बजे से ड्यूटी थी। वह भी उठकर नहाए और उन लोगाें के साथ बैठकर नाश्ता किए और फिर अपने कमरे में चले गए।

विज्ञापन

उधर करीब 10 बजे उनकी पत्नी पिता जी को खाना लेकर कमरे में गई तो दरवाजा खुला था। अंदर का नजारा देख वह चीखते चिल्लाते हुए बाहर निकली। शोर शराबा सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंचे तो उनके पिता पंखे के हुक से केबल के सहारे फंदे से लटके थे।

उसके बाद घटना की सूचना सिविल लाइंस पुलिस को दी गई। पुलिस फॉरेंसिक टीम के पहुंचकर कमरे की जांच पड़ताल की। उसके बाद शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम हाउस के लिए भिजवा दिया। विनोद ने फांसी क्यों लगाई इस बात को उनके परिवार वाले भी नहीं बता पाए।

2025 में होने वाले थे रिटायर

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे साथी कर्मचारी ने बताया कि वह विनोद के ही कालोनी में परिवार के साथ रहते हैं। दोनों साथ में ही ड्यूटी करते थे। 2025 में वह रिटायर होने वाले थे। विनोद के पिता भी रेलवे में नौकरी करते थे। परिवार पूरी तरह से संपन्न था। वह दूसरों की भी मदद कर देते थे। वह किस वजह से आत्मघाती कदम उठा लिए हैं। इस बात से वह लोग स्तब्ध हैं।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें