उधर करीब 10 बजे उनकी पत्नी पिता जी को खाना लेकर कमरे में गई तो दरवाजा खुला था। अंदर का नजारा देख वह चीखते चिल्लाते हुए बाहर निकली। शोर शराबा सुनकर परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंचे तो उनके पिता पंखे के हुक से केबल के सहारे फंदे से लटके थे।
उसके बाद घटना की सूचना सिविल लाइंस पुलिस को दी गई। पुलिस फॉरेंसिक टीम के पहुंचकर कमरे की जांच पड़ताल की। उसके बाद शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पोस्टमार्टम हाउस के लिए भिजवा दिया। विनोद ने फांसी क्यों लगाई इस बात को उनके परिवार वाले भी नहीं बता पाए।
2025 में होने वाले थे रिटायर
पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे साथी कर्मचारी ने बताया कि वह विनोद के ही कालोनी में परिवार के साथ रहते हैं। दोनों साथ में ही ड्यूटी करते थे। 2025 में वह रिटायर होने वाले थे। विनोद के पिता भी रेलवे में नौकरी करते थे। परिवार पूरी तरह से संपन्न था। वह दूसरों की भी मदद कर देते थे। वह किस वजह से आत्मघाती कदम उठा लिए हैं। इस बात से वह लोग स्तब्ध हैं।