अनारक्षित टिकटों की तरह आरक्षित टिकटों की बिक्री के काम भी रेलवे हल्का करने जा रहा है। जल्द ही बड़े रेलवे स्टेशनों के आसपास आरक्षण काउंटरों की भीड़ खत्म करने के लिए यात्री टिकट सुविधा केंद्र खुलेंगे। इलाहाबाद डिवीजन में 12 केंद्र खोलने की तैयारी भी शुरू हो गई है। झांसी और आगरा डिवीजनों में भी दर्जनभर केंद्र खुलेंगे। इन केंद्रों से अनारक्षित टिकटों की बिक्री भी की जा सकेगी। इस योजना को लेकर आशंका जताई जा रही है कि आरक्षण केंद्रों पर पहले से ही कम हो रहे कर्मचारियों की नई भर्ती न हो। इससे धीरे-धीरे रिजर्वेशन क्लर्क के पदों की संख्या भी कम कर दी जाए।
ई-टिकटों की बढ़ी खरीदारी और आईआरसीटीसी वेबसाइट के अपग्रेडेशन के बाद रेलवे के आरक्षण काउंटरों पर भीड़ की संख्या लगातार घट रही है। वर्तमान भीड़ को भी कम करने के लिए वाईटीएसके (यात्री टिकट सुविधा केंद्र) खोलने की तैयारी है। यह केंद्र पीपीपी के तहत खोले जाएंगे। इसमें आधारभूत ढांचा से लेकर कर्मचारी तक निजी एजेंसी के होंगे। तकनीकी सुविधाएं रेलवे मुहैया कराएगा, जिससे टिकटों की कालाबाजारी न हो। इसमें लगने वाली मशीनों से दोनों किस्म के टिकट मिलेंगे।
फिलहाल, इलाहाबाद डिवीजन में इलाहाबाद, कानपुर, मिर्जापुर, फतेहपुर, इटावा, टूंडला, अलीगढ़, फफूंद, छिवकी, विन्ध्याचल, फिरोजाबाद और शिकोहाबाद स्टेशनों पर नए सुविधा केंद्र खोलने की तैयारी है। जोन में आगरा, झांसी, ग्वालियर, मथुरा जैसे स्टेशनों पर भी यह केंद्र खोले जाएंगे। इन केंद्रों के लिए इसी महीने आवेदन मांगे जा सकते हैं। इसमें रेल यात्रा सेवा टिकट एजेंट, रेल यात्रा एजेंट, जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवक एजेंट के साथ आईआरसीटीसी के एजेंट भी आवेदन कर सकेंगे। केवल पुराने एजेंट को ही इसके लिए योग्य ठहराए जाने से योजना को लेकर विरोध के स्वर भी उभर सकते हैं।