आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत छात्राें और प्रतियोगियाें में केंद्र में काबिज भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ भी जबरदस्त नाराजगी रही। बुधवार को प्रदर्शन के दौरान प्रतियोगियों ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ जमकर नारेबाज भी की। राजनाथ सिंह और सांसद केशव प्रसाद मौर्या समेत पार्टी के कई नेताओं ने आयोग के अध्यक्ष तथा भर्तियों की सीबीआई जांच का आश्वासन दिया था। केशव ने तो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। इसके बावजूद सीबीआई जांच की मांग पूरी होना तो दूर केंद्र सरकार की ओर से इस दिशा में कोई पहल भी नहीं हुई। इससे छात्रों में सरकार, खासतौपर गृहमंत्री के खिलाफ गुस्सा है।
प्रतियोगियों का कहना था कि प्रदेश के साथ केंद्र सरकार भी डॉ.अनिल यादव को प्रश्रय दे रही है। उन्होंने भाजपा नेताओं के आवास तथा पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शन की भी योजना बनाई है। प्रतियोगियों के इस गुस्सा को पार्टी के नेता भी भांप चुके हैं और उन्हें विधानसभा चुनाव में नुकसान की आशंका भी सताने लगी है। उनके डर को इससे ही समझा जा सकता है कि अभी मंगलवार को पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से अलग-अलग कई जगहों पर प्रदेश सरकार और आयोग के अध्यक्ष का पुतला दहन किया गया था लेकिन बृधवार को इतने बड़े आंदोलन तथा छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद भी उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
आयोग अध्यक्ष के खिलाफ आंदोलनरत प्रतियोगियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर माहौल बिगाड़ने का आरोप लगाया। छात्रों और प्रतियोगियों का कहना था कि वे शांतिपूर्वक आंदोलन चलाना चाहते थे लेकिन श्रेय लेने के लिए कुछ भाजपा कार्यकर्ता भी हिन्दू हॉस्टल पर आंदोलन के दौरान उनके बीच घुस गए और उपद्रव करने लगे। बताया जा रहा है कि भाजपा कार्यकर्ताओं को यह भय भी था कि वहां से प्रतियोगी सांसद श्यामा प्रसाद गुप्त के आवास पर भी जा सकते हैं। इसलिए उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद ही स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई और पुलिस को भी खदेड़ने का बहाना मिल गया।