निजीकरण का विरोध करते रेलवे कर्मचारी।
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प्रयागराज। निजीकरण का विरोध और न्यू पेंशन स्कीम हटाए जाने समेत तमाम मुद्दों को लेकर जन जागरण सप्ताह चला रहे रेलवे कर्मियों को स्थानीय व्यापारिक संगठनों के पदाधिकारियों एवं समाजसेवियों ने भी अपना समर्थन दिया है। बुधवार को नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन की ओर से प्रयागराज मंडल कार्यालय में आयोजित सेमिनार में व्यापारियों, समाजसेवियों, अधिवक्ताओं आदि ने आश्वस्त किया कि रेल कर्मियों की निजीकरण एवं अन्य मुद्दों को लेकर लड़ी जा रही लड़ाई में व्यापार मंडल पीछे नहीं हटेगा।
मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री आरडी यादव ने सेमिनार में कहा कि कोविड-19 की आड़ लेकर सरकार रेलवे के अस्तित्व को पूरी तरह से समाप्त करना चाह रही है। आए दिन नए-नए तरीकों से कहीं निजीकरण तो कहीं निगमीकरण की बात सामने आ रही है। ट्रेनों को प्राइवेट ऑपरेटर को सौंपने के लिए भी रेलवे बोर्ड स्तर से प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। 2004 के बाद भर्ती लोगों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिया जाएगा।
इस दौरान इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एवं अधिवक्ता विनोद चंद्र दुबे ने कहा कि निजीकरण के खिलाफ लड़ाई में रेलवे कर्मियों को उनसे जो भी सहयोग चाहिए वह देने को तैयार हैं। इस दौरान सिविल लाइंस व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुशील खरबंदा, महामंत्री शिवशंकर सिंह, प्रयाग व्यापार मंडल के महामंत्री सुहेल अहमद , मो. आमिर आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए और निजीकरण न किए जाने की वकालत की।
सेमिनार में हिंद मजदूर सभा के विष्णु देव पांडे, अधिवक्ता सफाकत उल्लाह आदि ने भी शिरकत की। विष्णु देव पांडेय ने कहा कि मेंस यूनियन को अगर जरूरत होगी तो हिंद मजदूर सभा उनका इस लड़ाई में साथ देने को तैयार है। सेमिनार का संचालन पूर्व मंडल मंत्री शीतला प्रसाद श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर मंडल मंत्री डीएस यादव, मुहिब उल्लाह, अरविंद पांडेय, नागेंद्र बहादुर सिंह, राम सिंह, अक्षयवर मिश्र, सईद अहमद, मनोज कुमार, आरआर सिंह, विपिन बिहारी सिंह, आरके राय, दिवाकर शुक्ला आदि मौजूद रहे।