कटरा के अरुण अग्रवाल धर्मशाला होते हुए मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें भी कंफर्म बर्थ नहीं मिल रही है। कमोवेश यही स्थिति हरिद्वार, नैनीताल की ओर जाने वाली ट्रेनों की भी है। दरअसल, हरिद्वार उत्तराखंड के गढ़वाल का प्रवेश द्वार माना जाता है। वहीं नैनीताल के लिए लोग प्रयागराज से बरेली, रामपुर या मुरादाबाद तक ट्रेन से जाकर आगे का सफर सड़क मार्ग से तय करते हैं।
इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, पुणे, गोवा, जयपुर, उदयपुर और दक्षिण भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में सीट के लिए खूब मारामारी है। इन शहरों के लिए रेलवे ने साप्ताहिक समर स्पेशल ट्रेनें शुरू की हैं, लेकिन सभी श्रेणी यात्रियों में सिर्फ वेटिंग है। प्रयागराज जंक्शन मुख्य आरक्षण टिकट केंद्र की स्थिति यह है कि तत्काल का काउंटर खुलते ही बंद हो जा रहा है। सेकेंड भर में ही ट्रेनों की सीटें फुल हो जा रहीं हैं।
प्रयागराज से हिल स्टेशनों के निकटतम स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों के नाम
शिमला, कुल्लू, मनाली : नेता जी एक्सप्रेस, ऊंचाहार एक्सप्रेस, मुरी एक्सप्रेस
चार धाम उत्तराखंड, मंसूरी, चमोली, गढ़वाल : योग नगरी ऋषिकेश एक्सप्रेस, सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस
नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत : नौचंदी एक्सप्रेस, त्रिवेणी एक्सप्रेस
दार्जिलिंग, गंगटोक : एनई एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़ राजधानी, ब्रह्मपुत्र मेल, फिरोजपुर-अगरतला एक्सप्रेस
श्रीनगर, पहलगाम, धर्मशाला, कांगड़ा, मां वैष्णो देवी धाम : सूबेदारगंज-उधमपुर एक्सप्रेस, मुरी एक्सप्रेस
रेलवे ने इस बार कई समर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया है। इसका लाभ यात्री ले सकते हैं। इसके अलावा तत्काल सेवा भी उपलब्ध है। - डाॅ. अमित मालवीय, सीनियर पीआरओ, एनसीआर।
हिल स्टेशनों के लिए पूछताछ काफी बढ़ी है, लेकिन ट्रेनों में कंफर्म बर्थ न मिल पाने की वजह से लोग बुकिंग नहीं करा पा रहे हैं। हिमाचल के साथ पूर्वोत्तर राज्यों के हिल स्टेशन की डिमांड ज्यादा है। - विशाल कनौजिया, ईएमआई हॉलीडे।