पिछले दिनों कोटा रेल मंडल के नागदा के पास त्रिवेंद्रम-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में हुई अग्नि दुर्घटना से सबक लेते हुए उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज मंडल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ट्रेन के कोच में आग लगने की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए मंडल ने एलएचबी कोच की बिजली प्रणाली को अपग्रेड करने का फैसला लिया है।
अक्सर भीषण गर्मी के मौसम में ट्रेनों के एसी (एयर कंडीशनर) यूनिट पर लोड बहुत बढ़ जाता है। पुरानी तकनीक के सिंगल कोर केबल ज्यादा लोड या अत्यधिक गर्मी की वजह से कई बार आपस में चिपक जाते हैं या पिघल जाते हैं, जो शॉर्ट सर्किट और आग का मुख्य कारण बनते हैं।
इस खतरे को भांपते हुए रेलवे अब 19.16 लाख रुपये की लागत से इन कोच की छतों पर लगी एसी यूनिट (आरएमपीयू) की पुरानी वायरिंग को हटाने जा रहा है। इसकी जगह अब आधुनिक और बेहतर इंसुलेशन वाले मल्टीकोर पावर केबल लगाए जाएंगे। ये केबल हाई-वोल्टेज बिजली का दबाव आसानी से झेलने में सक्षम हैं और भीषण गर्मी में भी पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।
इस महत्वपूर्ण योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जून में टेंडर का आवंटन कर दिया जाएगा। अगले छह महीने में लगभग 600 कोच में नए केबल लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य है। इस नई तकनीक से शॉर्ट सर्किट का खतरा न के बराबर हो जाएगा।
इस बारे में एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि एसी यूनिट में ब्लोअर फैन मोटर से लेकर पावर जंक्शन बॉक्स तक बेहतर इंसुलेशन वोल्टेज वाले मल्टीकोर पावर केबल लगाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है।