रेलवे के मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त शैलेश कुमार पाठक ने सोमवार को मंडुवाडीह से प्रयागराज जंक्शन तक विंडो ट्रेलिंग की। इस दौरान उन्होंने इस रूट पर स्पीड ट्रायल भी लिया। इस दौरान संबंधित रूट पर 120 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई गई। प्रयागराज आने के दौरान उन्होंने झूंसी से दारागंज को जोड़ने वाले गंगा पुल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान पूर्वोत्तर रेलवे के तमाम आला अफसर भी उनके साथ प्रयागराज आए।
दरअसल, प्रयागराज रामबाग स्टेशन से मंडुवाडीह तक रेल पटरी दोहरीकरण का कार्य रेलवे द्वारा किया जा रहा है। इस रूट पर पिछले वर्ष ही रेलवे ने विद्युतीकरण का कार्य पूरा किया था। इसके बाद ही इस रूट पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन का संचालन शुरू हुआ।
वर्तमान समय में संबंधित रूट पर वंदे भारत 110 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती है। विद्युतीकरण होने के बाद रेलवे ने इस रूट पर 120 किमी की रफ्तार से ट्रेन संचालन की तैयारी की है। इसके लिए मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने तीन कोच की स्पेशल ट्रेन से संबंधित रूट पर विंडो ट्रेलिंग की। इस दौरान यहां 120 की रफ्तार से उनकी ट्रेन चलाई। उनकी ओके के बाद इस रूट पर वंदे भारत की रफ्तार 120 किमी प्रतिघंटा हो जाएगी।
झूंसी-प्रयागराज रामबाग रेल खंड पर गंगा नदी पर स्थित आईजेट ब्रिज का निरीक्षण किया। बता दें कि दोहरीकरण होने के बाद गंगा पर एक और पुल बनाया जाना है। इसके पूर्व मुख्य संरक्षा आयुक्त ने माधोसिंह -झूंसी रेल खंड के रेलवे ट्रैक, ओवर हेड केबिल 800 केवी, हाईटेंशन एचटी क्रासिंग तथा और ट्रैक्शन लाइन के आइसोलेशन के संबंध में संबंधित को दिशानिर्देश दिया।
मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त ने मंडुवाडीह-प्रयागराज जंक्शन के बीच पड़ने वाले माइनर एवं मेजर ब्रिज, कर्वेचर, पुल एवं पुलिया, पॉइंट्स एंड क्रासिंग, ओवर हेड लाइन, विद्युत पोल, रेलवे ट्रैक फिटिंग्स, विद्युतीकृत कलर लाइट सिगनल आदि को भी देखा। इस अवसर पर उनके साथ एडीआरएम परिचालन एसपीएस यादव, सीनियर डीओएम रोहित गुप्ता, अतुल त्रिपाठी, पंकज केशरवानी, सत्येंद्र यादव, आशुतोष पांडेय, एसके यादव एवं रेल विकास निगम लिमिटेड चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर विकास चंद्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।