देश में पहली बार चिपियाना बुजुर्ग-टूंडला रेलखंड पर 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली रेलगाड़ियों के लिए अत्याधुनिक स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच 4.0 का सफल कमिशनिंग किया गया है। आने वाले दिनों में इस रेलखंड पर यात्री ट्रेन 160 किमी की रफ्तार से दौड़ सकेगी।
यह पूरा रेल खंड रेलवे का इकलौता ऐसा ट्रैक बन गया है, जहां इतनी उच्च गति पर कवच 4.0 पूरी तरह क्रियाशील है। इस अभूतपूर्व तकनीक का सफल परीक्षण कानपुर शताब्दी एक्सप्रेस में किया गया। यह ट्रेन केर्नेक्स मेक के कवच सिस्टम से लैस है।
सफल परीक्षण के बाद महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इसे मिशन रफ्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस उपलब्धि से दिल्ली-हावड़ा मुख्य रेलमार्ग पर सुरक्षा और परिचालन दक्षता को नई मजबूती मिलेगी।
एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि इस सुरक्षा कवच को अंतिम मंजूरी देने से पहले आरडीएसओ और स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकनकर्ता ने कड़े परीक्षण किए गए।