Prayagraj News : खतरे के निशान के ऊपर बह रहीं गंगा यमुना।
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यहां अधिकतम 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ही ट्रेन संचालित होंगी। मंडल के पीआरओ अशोक कुमार ने इसकी पुष्टि की है। उधर, फाफामऊ रेल ब्रिज पर भी स्पीड नियंत्रित कर दी गई है। हालांकि रेलवे की ओर से ऐसा कोई आदेश नहीं आया है, लेकिन यहां शुक्रवार को अधिकतम 40 किमी की रफ्तार से ही ट्रेनें चलीं। यहां जलस्तर और बढ़ने पर रेलवे शनिवार को कॉशन लगा सकता है।
दूसरी ओर 1865 में बना नैनी यमुना ब्रिज के नीचे बढ़ रहे जलस्तर की रेलवे द्वारा लगाए गए सेंसर के माध्यम से निगरानी की जा रही है। उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि यहां पल-पल का अपेडट कंट्रोल रूम को मिल रहा है। नैनी ही नहीं, मेजारोड के पहले टोंस नदी पुल की भी निगरानी हो रही है। इन दोनों ही पुलों पर कॉशन लगाने की अभी फिलहाल जरूरत नहीं है।