बिजली बचाने की मुहिम में उत्तर मध्य रेलवे भी शामिल हो गया है। हजारों कर्मचारियों को एलईडी बल्ब देने के बाद रेल प्रशासन अपनी इमारतों को भी सौर ऊर्जा से चमकाने में जुट गया है। इसकी शुरूआत उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय से होने जा रही है। यहां मुख्य इमारत की छत में सोलर पैनल लगाए जाने का काम शुरू हो गया है। पैनल लगने केबाद यहां बिजली की सप्लाई इसी के माध्यम से होगी।
बता दें कि पिछले साल ही बिजली बचाने के लिए रेलवे ने सौर ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करने का ऐलान किया था। इसी कड़ी में रेलवे ने जहां ट्रेनों की बोगियों में लाइट और पंखे चलाने के लिए कोच की छत पर सोलर पैनल लगवाने का काम शुरू किया है। अब सभी जोनल मुख्यालयों को भी सौर ऊर्जा से लैस करने की तैयारी की गई है। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) के इलाहाबाद मुख्यालय, उत्तर रेलवे के नई दिल्ली, पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर, पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर समेत रेलवे के सभी 17 जोनल मुख्यालयों में इसी वित्तीय वर्ष में सोलर पैनल लगाये जाने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। एनसीआर के इलाहाबाद स्थित मुख्यालय में यह प्रक्रिया शुरू हो गई है। यहां एक-एक करके मुख्यालय की सभी इमारतों में सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इस बारे में एनसीआर के पीआरओ अमित मालवीय का कहना है कि रेलवे बोर्ड के निर्देश पर यह काम शुरू किया गया है। शीघ्र ही मुख्यालय में सोलर पैनल लगाए जाने का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां सोलर पैनल लग जाने के बाद हर साल लाखों रुपये की बिजली बचेगी और बिल में भी रेलवे को बचत होगी।
सोलर इनर्जी से लैस हो गए 405 फाटक
बिजली की बचत के लिए जहां रेल प्रशासन एक ओर सभी जोनल मुख्यालय को सौर ऊर्जा से लैस कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने अपने 400 से ज्यादा रेल फाटकों को सौर ऊर्जा से चमका दिया है। एनसीआर के आगरा, इलाहाबाद एवं झांसी मंडल के 405 रेल फाटकों पर सौर ऊर्जा के लिए पैनल लगा दिया गया है। अब इन सभी फाटकों में रात के वक्त अंधेरा नहीं रहता है। रेलवे की योजना है कि आने वाले समय में 80 और रेल फाटकों को भी सौर ऊर्जा से लैस कर दिया जाए। वर्तमान समय एनसीआर के इलाहाबाद मंडल में 93, झांसी में 234 एवं आगरा में 78 रेल फाटक सोलर एनर्जी के प्रयोग से चमकने लगे हैं। रेलवे अब झांसी और आगरा मंडल में 80 और रेल फाटकों को सोलर एनर्जी से लैस करने जा रहा है।