फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Air Force : नभ-थल-जल में हमला करने में सक्षम है राफेल, विश्व का सबसे छोटा लड़ाकू विमान तेजस

Mon, 09 Oct 2023 03:44 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस निर्मित वृहद व लघु दोनों तरह के युद्धक मिशन में उपयोग में लाए जाते हैं। यह एईएसए रडार से लैस होने के कारण हवा से हवा, जमीन व जल में अचूक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन
गंगाजी के ऊपर करतब दिखाता अत्याधुनिक लड़ाकू विमान चिनूक। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

संगमनगरी में रविवार को आयोजित एयर शो में वायु सेना के लगभग 100 युद्धक विमानों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया। इनकी अपनी अलग-अलग विशेषताएं हैं। फ्रांस में निर्मित राफेल जहां नभ-थल व जल तीनों में हमला करने में सक्षम है तो स्वदेशी तेजस विश्व का सबसे छाेटा लड़ाकू विमान है।

विज्ञापन


चिनूक

यह मल्टी मिशन हेलिकॉप्टर है, जो आपदा राहत, मेडिकल इमरजेंसी, खोज, बचाव मिशन और पैराशूट ड्राॅप के लिए उपयोग में लाया जाता है। यह 9.6 टन तक भार क्षमता वाले उपकरण व कार्गो को एक स्थान से दूसरी जगह ले जाने में सक्षम है।

एएन-32

यह दो इंजनों वाला मिलिट्री परिवहन एयरक्रॉफ्ट है। यूक्रेन निर्मित यह एयरक्रॉफ्ट 530 किमी प्रति घंटा की गति से उड़ने में सक्षम है।

चेतक

यह वायुसेना का सबसे पुराना हेलिकॉप्टर है जो स्वदेशी है। दो टन भार वाला यह हेलिकॉप्टर 185 किमी प्रति घंटे की गति से 500 किमी तक उड़ान भरने में सक्षम है। इसमें दो पायलट के साथ कुल सात लोग बैठ सकते हैं। इसका उपयोग मिलिट्री ऑपरेशन के साथ ही आपदा राहत अअभियानों में किया जाता है।

किरन एमके-II

यह दो सीटों वाला स्वदेशी प्रशिक्षण विमान है। जो पायलटों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग में लाया जाता है।

जगुआर

वायुसेना की ओर से 1973 में अपनाया गया यह बहुउद्देश्यीय एयरक्रॉफ्ट 1700 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम है। यह सैन्य इलाकों के सर्वेक्षण के साथ ही जहाजरोधी मिसाइल ले जाने में भी सक्षम है। कारगिल युद्ध विजय में इसकी अहम भूमिका रही है।

मिराज 2000

यमुना एक्सप्रेस वे पर उतरने के बाद यह विमान बेहद चर्चा में आ गया था। कारगिल युद्ध के दौरान दुश्मन के बंकरों को तबाह करने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

सुखोई 30

ब्रह्मोस और निर्भय जैसी न्यूक्लियर मिसाइलों को ले जाने में सक्षम यह एक बहुउद्देश्यीय एयरक्रॉफ्ट है। जो सैन्य सर्वेक्षणों के अलावा हवा से हवा व हवा से सतह तक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है।

तेजस

यह विश्व का सबसे छोटा लड़ाकू विमान है। यह रॉकेट, बम के साथ ही जहाजरोधी मिसाइलों से लैस होने के साथ ही रडार से भी युक्त है।

राफेल
फ्रांस निर्मित वृहद व लघु दोनों तरह के युद्धक मिशन में उपयोग में लाए जाते हैं। यह एईएसए रडार से लैस होने के कारण हवा से हवा, जमीन व जल में अचूक मारक क्षमता के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन

मिग 29

दो इंजन वाला यह लड़ाकू विमान हवा से हवा में मिसाइल दागने के साथ ही उड़ान के दौरान ईधन भरने में उपयोग में लाया जाता है।

हॉक

यह एक एकल इंजन, जेट संचालित उन्नत प्रशिक्षण विमान है। इसका उपयोग जमीनी हमलों, उड़ान प्रशिक्षण व एयरोबेटिक्स के लिए किया जाता है। वायुसेना की सूर्यकिरण टीम इन्हीं विमानों का इस्तेमाल करती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें