फाफामऊ स्थित गंगा गुरुकुलम विद्यालय में शनिवार को विश्व कवि गुरुदेव रबींद्र नाथ टैगोर जी की जयंती गरिमामय वातावरण में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई । कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्या माधुरी श्रीवास्तव द्वारा टैगोर जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।
फाफामऊ स्थित गंगा गुरुकुलम विद्यालय में शनिवार को विश्व कवि गुरुदेव रबींद्र नाथ टैगोर जी की जयंती गरिमामय वातावरण में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई । कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती माधुरी श्रीवास्तव जी द्वारा टैगोर जी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ।
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कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की कक्षा 9 एम्पावर्ड की छात्रा ने टैगोर जी के प्रेरणादायक जीवन पर एक लेख प्रस्तुत किया जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे उनकी रचनाएं आज भी विश्व को शांति और प्रेम का संदेश देती हैं। इसी कड़ी में कक्षा 9 चैंपियन की छात्रा ने टैगोर जी के अनमोल विचारों को साझा कर उपस्थित विद्यार्थियों को प्रेरित किया।
क्वायर ग्रुप के बच्चों ने टैगोर जी के प्रसिद्ध गीत-'तेरी आवाज पर कोई ना आए तो फिर चल अकेला रे' की सुमधुर सामूहिक प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्या महोदया ने बच्चों को गुरुदेव जी के जीवन से प्रेरणा लेने तथा उनके आदर्शों को अपनाने का संदेश दिया । उन्होंने अपने संबोधन में यह भी कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर न केवल महान कवि थे, बल्कि वे एक महान शिक्षाविद, दार्शनिक एवं राष्ट्र प्रेमी भी थे। उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थी भारतीय संस्कृति और साहित्य के इस अनमोल रत्न से परिचित हुए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत से हुआ।