11,000 वर्गमीटर में बना है रानी बेतिया का महल
रानी बेतिया का महल 11,000 वर्ग मीटर में बना है। हरेंद्र किशोर सिंह बेतिया राज के आखिरी राजा थे, जिनका मार्च 1993 में निधन हो गया था। इसके बाद इनकी पहली पत्नी रतन कुंवर बेतिया राज की महारानी बनीं लेकिन उनका भी 1896 में निधन हो गया। इनके बाद दूसरी पत्नी महारानी जानकी कुंवर ने बेतिया राज को संभाला लेकिन बिहार सरकार ने इन्हें अयोग्य घोषित कर दिया और पूरी संपत्ति बिहार सरकार ने ले ली। इसके बाद महारानी जानकी कुंवर प्रयागराज आ गईं और सिविल लाइंस में स्ट्रैची रोड पर भवन बनाकर रहने लगीं। बिहार सरकार के दस्तावेज के अनुसार इसी भवन में 24 नवंबर 1954 को उनका निधन हो गया। जांच में पता चला कि यह नजूल भूमि है।
अतिथि गृह बनाने का पहले ही लिया जा चुका था निर्णय
रानी बेतिया के महल से संबंधित भूखंड पर एक साल पहले ही विशिष्ट अतिथि गृह के निर्माण का निर्णय ले लिया गया था लेकिन अलग-अलग कारणों से निर्माण शुरू नहीं हो सका। हालांकि, अब डीएम के आदेश के बाद रास्ता साफ हो गया है। इस परिसर में अभी औद्योगिक न्यायाधिकरण एवं श्रम न्यायालय के रजिस्ट्रार का मुख्यालय है। यह कार्यालय अब भी इसी में रहेगा। श्रम न्यायालय का निर्माण 1,000 वर्गमीटर में कराया जाएगा। शेष 10000 वर्गमीटर में विशिष्ट अतिथि गृह का निर्माण कराया जाएगा।