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पीडब्ल्यूडी में खंगाले गए टेंडर बांड, जांच से मचा हड़कंप

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PWD corruption - फोटो : AU
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प्रयागराज। पीडब्ल्यूडी में ‘टेंडर मैनेजमेंट’ की शिकायतों की जांच शुरू हो गई है। रविवार को अवकाश के बावजूद अधीक्षण अभियंता संजय श्रीवास्तव दफ्तर पहुंचे। दिन भर पुराने टेंडर बांड छांटे गए। तीन दिन के भीतर टेंडर बांड से सिक्योरिटी अलग कर रजिस्टर पर चढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही कई सड़कों पर बिना टेंडर काम और भुगतान की जानकारी मिलने केबाद हड़कंप मच गया है।
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कुंभ खंड के अलावा अन्य डिवीजनों में बिना टेंडर 10 से अधिक सड़कों का निर्माण कराकर भुगतान कराने का पता चलने के बाद पीडब्ल्यूडी में संबंधित अभियंताओं के माथे पर बल पड़ गए हैं। कहा जा रहा है कि कुंभ के दौरान भी कई सड़कों का निर्माण बिना टेंडर के ही अधिशासी अभियंताओं के कहने पर ठेकेदारों ने करा दिया था। बिना टेंडर मेजा-कोहड़ार घाट-खीरी मार्ग निर्माण कराने के मामले में निलंबित प्रांतीय खंड के जेई महेंद्र सिंह पटेल की बहाली का दबाव बनाने के लिए बीते दिनों मुख्य अभियंता हिमांशु मित्तल के बंगले पर भी कुछ ठेकेदार पहुंचे थे। भाजपा विधायक नीलम करवरिया ने इस मामले की शिकायत लखनऊ तक की थी। इसके बाद बिना टेंडर सड़कों का निर्माण कराने के मामले की जांच शुरू हो गई है। रविवार को अधीक्षण अभियंता संजय श्रीवास्तव दिन भर दफ्तर में पुराने टेंडर बांड निकलवाने, छंटवाने और जांच कराने में जुटे रहे। पता चला है कि बीते दिनों प्रमुख अभियंता ने मेजा-कोहड़ार-खीरी मार्ग का टेंडर बांड लखनऊ मंगाया था। तब टेंडर बांड के साथ सिक्योरिटी भी साथ चली गई थी। अब टेंडर बांड की छंटनी कराकर सिक्योरिटी अलग कराई जा रही है। टेंडर बांड की जांच कराए जाने से कई अभियंताओं और ठेकेदारों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है।
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