सर्जरी में दो उपकरणों का होता है उपयोग
इस विधि में दो उपकरणों का उपयोग किया जाता है। जिसमें सिंस्की हुक और आईरिस रिपोजिटर या साइक्लो डायलिसिस स्पैटुला शामिल हैं। पुश एंड पुल विधि से कई देशों में सर्जरी की जा रही है। डॉ. एसपी सिंह ने इस शोध को 13 व 14 अप्रैल को नेपाल में हुई इंडो नेपाल फ्रेंडशिप इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस में भी प्रस्तुति किया था।
अक्सर छोटी पुतली में मोतियाबिंद का ऑपरेशन जटिल होता है। इसमें पुतली को नुकसान पहुंचने का खतरा बना रहा है। इसके अलावा लेंस भी प्रभावित हो सकता है। पुश एंड पुल विधि से की गई सर्जरी के परिणाम सकारात्मक देखने को मिले हैं। - डॉ. एसपी सिंह, प्रोफेसर, मनोहर दास नेत्र चिकित्सालय प्रयागराज।