बाबा बागेश्वर भाजपा के प्रचार के लिए बिहार गए
कहा कि कुछ रोज पहले बाबा बागेश्वर भाजपा के प्रचार के लिए बिहार गए थे। उन्होंने खुद ही अपने को घोषित कर दिया कि वह भाजपा के प्रचारक हैं। यह तो अब सर्वविदित हो चुका है। बिहार में वह भाजपा के नेताओं से घिरे हुए थे। कहा कि श्रीश्री रविशंकर को मोदी जी ने पहले अपना प्रचारक बनाया। चुनाव जीतने के बाद वह कहां चले गए, पता नहींं। बाबा रामदेव को भी भाजपा ने अपना प्रचारक बना दिया।
शासन सत्ता मिलने के बाद दोनों कहां गए, किसी को पता नहीं। दोनों को अब मौनी बाबा बना दिया गया है। कहा कि शासनतंत्र की यह दृव्य संधि और कूटनीति होती है कि कोई वर्चस्व को प्राप्त हो रहा है तो उसे अपना बनाकर प्रचारक बना लो। दो हजार की नोट बंद किए जाने के सवाल पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास अच्छी टीम की कमी नहीं है। उनकी विशेषता यह है कि कोई गलत कदम उठ भी जाए तो उनमें संभलने की क्षमता है।
कहा कि पहली बार प्रधानमंत्री बनने से पहले वह मेरे पास आए और तकरीबन 45 मिनट तक बैठे थे। कहा कि प्रधानमंत्री मोदी अर्थशास्त्रियों का परामर्श लेकर कोई कदम उठाएं तो अच्छा है। इस मौके पर सुरेश सिंह, पार्षद शिवनारायण यादव घुन्नू, विजय सिंह, विवेक मिश्र, राजीव मिश्र राणा, नीरज मिश्र, दीपक शुक्ल, दिनेश पांडेय, दिव्यकांत, आयुष सिंह आदि मौजूद रहे।