शहीद महेश यादव का पार्थिव शरीर मेजा में पहुंचने से पहले ही ग्राम के पास प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर ग्रामीण इकठ्ठा हो गए। आक्रोशित लोगाें ने सीएम व डिप्टी सीएम के बुलाने की मांग करते हुए दो घंटे हाईवे जाम कर दिया। हाईवे पर पार्थिव शरीर पहुंचते ही स्थानीय प्रशासन के मान मनौव्वल पर किसी तरह जाम खुला तो तीन घंटे शहीद के शव को घर पर रोककर सीएम व डिप्टी सीएम को बुलाने पर परिजन अड़े रहे। इस दौरान घंटों हंगामा होता रहा। मेजा में शहीद महेश के परिजन सीएम और डिप्टी सीएम को गांव में बुलाना चाहते थे।
यही कारण था कि शनिवार की सुबह से ही टुड़िहार गांव के सामने प्रयागराज-मिर्जापुर हाईवे पर लोग जमा हो गए थे। सुबह आठ से दस बजे तक लगे जाम को शहीद के शव को पहुंचते ही एसडीएम मेजा व सीओ के कहने पर खोला गया। जुलूस के साथ पार्थिव शरीर शहीद के घर लाया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में उमड़े लोगों ने प्रशासन से सीएम व डिप्टी सीएम के आने की जिद करने लगे। उनका कहना था कि सीएम, डिप्टी सीएम व पूरा कैबिनेट गंगा स्नान को आ सकता है तो देश के लाल के शहादत पर क्यों नहीं आ सकता। लोगों की भीड़ को देख स्थानीय प्रशासन के हाथ पॉव फूल गए। शहीद की रिश्तेदार चिलबिला निवासिनी गेंदा देवी फफक के रो पड़ी।
कहा कि कम से कम एक दिन के लिए मुख्यमंत्री को समय निकाल कर शहीद के घर आना चाहिए था। वहीं सोम्मारी देवी व फूलकली ने भी आक्रोश जताते हुए सीएम और डिप्टी सीएम को आने की जिद करती रहीं। हालांकि भारी हंगामे के बीच कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह व कैबिनेट मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने परिजनों को पूरा मदद का भरोसा दिलाया । तब जाकर परिजन किसी तरह शांत हो सके। वहीं शहीद के घर सीआपीएफ के डीआईजी महावीर सिंह शेखावत व डिप्टी कमांडेड हिमांशु प्रसाद पहुंच गए। उन्होंने परिजनों का आश्वस्त किया कि शहीद की पत्नी को 57 साल तक पूरा वेतन उसके बाद पारिवारिक पेंशन दिया जाएगा। साथ ही केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार की ओर से एक-एक नौकरी और अन्य निर्धारित आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।