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Kumbh Mela 2019: उपराष्ट्रपति वेंकेया नायडू ने संगम में लगाई डुबकी, अक्षयवट का किया दर्शन

Sat, 16 Feb 2019 11:53 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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उप राष्ट्रपति एम वैंकेया नायडू ने शनिवार की सुबह जया एकादशी पर संगम में पुण्य की डुबकी लगाई। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ उन्होंने पहले गंगा पूजन किया फिर पवित्र त्रिवेणी की आरती उतारी। उपराष्ट्रपति ने सर्वमंगल और कल्याण की कामना से संगम तट पर तीर्थराज को नमन किया। इस दौरान उन्होंने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण भी किया। यहां उन्होंने गंगा-यमुना समेत देश की अन्य नदियों की अविरलता-निर्मलता पर जोर दिया।

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उपराष्ट्रपति ने गंगा को भारतीय संस्कृति की जीवन धारा बताया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और संस्कृति दोनों मिलकर बेहतर भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने खुशी जताई कि वह ऐसे भारत देश के उपराष्ट्रपति हैं, जहां प्रकृति और संस्कृति दोनों का संगम है। विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के रूप में दिव्य और भव्य कुंभ के जरिए विश्व समुदाय को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने के प्रयासों की सराहना की।

संगम तट पर उपराष्ट्रपति दिन के 10:45 बजे राज्यपाल रामनाईक और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह के साथ पहुंचे। वहां उन्होंने संगम में डुबकी लगाने के बाद जेटी पर गंगा की हल्दी,रोली, अक्षत, पुष्प से सविधि पंचोपचार पूजन किया। इस दौरान प्रयागराज के 11 प्रधान तीर्थपुरोहित वैदिक मंत्रोच्चार कर रहे थे। वेदमंत्रों की गूंज के बीच उपराष्ट्रपति ने त्रिवेणी की आरती भी उतारी। जेटी पर सस्वर आरती गायन चल रहा था। आरती के बाद उपराष्ट्रपति ने पुरोहितों से पुलवामा के शहीदों के नाम जल तर्पण करने की इच्छा जताई। इसके बाद पुरोहित प्रदीप पांडेय, शुभम तिवारी, गुरु दत्त तिवारी,दीपूमिश्र, आदित्य पांडेय, आदित्य शर्मा, योगेंंद्र कुमार, उत्सव पाठक, रोहित पांपांडेय, विष्णु तिवारी, गोविंद शर्मा ने शहीदों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण-अर्पण कराया। उपराष्ट्रपति ने पुरोहितों को दक्षिणा भी दी। इस दौरान संगम तट पर खचाखच उमड़ी स्नानार्थियों की भीड़ का हाथ उठाकर उपराष्ट्रपति अभिवादन कर रहे थे। 

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अक्षयवट में ज्ञान की गहरी जड़ों की छांव में बैठे उपराष्ट्रपति,सरस्वती कूप-बड़े हनुमान का भी किया दर्शन

संगम में डुबकी लगाने के बाद उपराष्ट्रपति ने अकबर के किले में स्थित अक्षयवट का दर्शन किया। वहां अक्षयवट की ज्ञान की गहरी जड़ों के नीचे वह कुछ देर बैठे भी रहे। यहां सेना के अफसरों ने उनको अक्षयवट की पत्तियां भेंट कीं। इसके बाद वह पातालपुरी पहुंचे। वहां देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों के दर्शन के बाद सरस्वती कूप का दर्शन किया। यहां मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा के दर्शन कर वह अभिभूत हुए। अफसरों ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से पहली बार वहां मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जा सकी है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु संगम में अदृश्य सरस्वती का प्रत्यक्ष रूप से दर्शन कर सकें। इसके बाद उपराष्ट्रपति बड़े हनुमान के दरबार पहुंचे। वहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने आरती-पूजा कराई।  

उपराष्ट्रपति ने संगम पर ली सेल्फी 
उपराष्ट्रपति ने संगम तट पर सेल्फी भी खिंचाई। पूजा आरती के बाद वह सेल्फी प्वाइंट पर पहुंचे। वहां उन्होंने सेल्फी लेने के साथ ही दिव्य-भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए योगी सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कुंभ से पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम लहराया है। 
 
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