संगम में डुबकी लगाने के बाद उपराष्ट्रपति ने अकबर के किले में स्थित अक्षयवट का दर्शन किया। वहां अक्षयवट की ज्ञान की गहरी जड़ों के नीचे वह कुछ देर बैठे भी रहे। यहां सेना के अफसरों ने उनको अक्षयवट की पत्तियां भेंट कीं। इसके बाद वह पातालपुरी पहुंचे। वहां देवी-देवताओं, ऋषि-मुनियों के दर्शन के बाद सरस्वती कूप का दर्शन किया। यहां मां सरस्वती की भव्य प्रतिमा के दर्शन कर वह अभिभूत हुए। अफसरों ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से पहली बार वहां मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जा सकी है, ताकि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालु संगम में अदृश्य सरस्वती का प्रत्यक्ष रूप से दर्शन कर सकें। इसके बाद उपराष्ट्रपति बड़े हनुमान के दरबार पहुंचे। वहां अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने आरती-पूजा कराई।
उपराष्ट्रपति ने संगम पर ली सेल्फी
उपराष्ट्रपति ने संगम तट पर सेल्फी भी खिंचाई। पूजा आरती के बाद वह सेल्फी प्वाइंट पर पहुंचे। वहां उन्होंने सेल्फी लेने के साथ ही दिव्य-भव्य और सुरक्षित कुंभ के आयोजन के लिए योगी सरकार की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस कुंभ से पूरे विश्व में भारतीय संस्कृति का परचम लहराया है।