पूर्व पीएम शास्त्री ने इसे सरस्वती नदी कहा
वर्तमान में पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ.गोपाल मोहन शुक्ल बताते हैं कि लाइब्रेरी की स्थापना के 100 वर्ष पूरा होने पर समारोह हुआ तो उसमें तत्कालीन प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री आए थे। शास्त्री जी ने अपने भाषण में कहा था कि वह विदेश जाते हैं और संगम की बात होती है तो लोग पूछते हैं कि सरस्वती नदी तो दिखती नहीं। तब उन्होंने कहा कि यह लाइब्रेरी ही सरस्वती का स्वरूप है। शास्त्री जी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट, इलाहाबाद विश्वविद्यालय और स्टेट पब्लिक लाइब्रेरी को दूसरी त्रिवेणी कहा था।