यमुना किनारे स्थित प्रचीन मनकामेश्वर महादेव मंदिर के रास्ते को लेकर बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई। हाईकोर्ट की अधिवक्ता सुनीता शर्मा व डॉ कृष्ण जी शर्मा की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन खुलने के बाद भी सेना की हठधर्मिता की वजह से हजारों श्रद्धालु मनकामेश्वर महादेव के दर्शन से वंचित रह गए हैं।
इसके साथ ही वर्ष 2004 में इस प्रकरण में दाखिल एक जनहित याचिका का भी हवाला दिया गया है,जिसमें तत्कालीन कर्नल ने पूरक शपथपत्र दाखिल करते हुए कहा था कि मनकामेश्वर मंदिर व सरस्वती घाट तक गाड़ी से आम लोगों के आने जाने के लिए अनुमति प्रदान कर दी गई है।
याची गणों के वकील विजय चंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि कोविड-19 में लॉकडाउन के बाद धार्मिक स्थलों को खोलने के सरकार के निर्णय के बाद भी मनकामेश्वर जाने वाले रास्ते का गेट सेना की ओर से अबतक बंद रखा गया है।
याचिका में कहा गया है कि लॉकडाउन खुलने के बाद 508 आर्मी बेस वर्कशॉप की ओर से मनकामेश्वर मार्ग पर बने गेट पर ताला लगा दिया गया। इस प्रकरण में जिला प्रशासन के अफसरों से वार्ता की गई और मंदिर के व्यवस्थापक श्रीधरानंद ने बार-बार गुहार लगाई लेकिन मेनगेट का ताला खोलने से मना कर दिया गया।