लाभार्थियों की सूची में गांव में रहने वाले लोगों का नाम देख प्रवासी मजदूर भड़क गए। इसकी शिकायत करने वह तहसील में पहुंचे और जमकर हंगामा मचाया। जमकर नारेबाजी के साथ ही लेखपाल पर कार्रवाई करने की मांग की गई। इसके साथ ही तहसीलदार को शिकायती पत्र और सूची देकर प्रवासी मजदूरों का नाम शामिल करने की बात कही।
क्षेत्र के बेती गांव में 150 से अधिक लोग बाहर से आए थे। शासन ने इनकी सूची बनवाई थी। इन्हें एक हजार रुपये व राशन दिए जाने की योजना है। गांव में राशन बंटने की सूचना पर बाहर से आए लोग कोटेदार के पास पहुंचे और राशन देने की बात कहने लगे।
इस पर कोटेदार ने उन्हें सूची देते हुए उनका नाम न होने की बात कही। इस पर प्रवासी भड़क गए और भारी संख्या में तहसील पहुंच गए। वह एसडीएम को खोजते हुए उनके बंगले पर पहुंचे तो एसडीएम ने मिलने से मना कर दिया। कहा कि वह तहसील में मिलेंगे।
इस पर प्रवासी मजदूर तहसील में पहुंचे और जमकर हंगामा काटा। इस दौरान तहसीलदार रामजनम मौके पर पहुंचे और उनकी समस्या सुनी। मजदूरों ने बताया कि लिस्ट में 144 लोग ऐसे हैं जेा बाहर कहीं नहीं जाते और न ही गए थे।
लेखपाल ने उन्हें फायदा पहुंचाने की मंशा से उनका सूची में डाल दिया। इस पर तहसीलदार ने सभी बाहर से आने वाले प्रवासी मजदूरों को समझाया और उनका नाम सूची में डलवाने के साथ ही कार्रवाई का भी आश्वासन दिया। इसके बाद सभी अपने घरों केा गए।