दो जुलाई की रात चौबेपुर गांव के बिकरू गांव में हुई मुठभेड़ में सीओ समेत आठ पुलिस वालों की हत्या करने के बाद से विकास दुबे फरार था। उज्जैन पुलिस ने महाकाल मंदिर से उसे बृहस्पतिवार सुबह गिरफ्तार किया था। इसके बाद यूपी एसटीएफ और कानपुर पुलिस की टीम उसे लेने पहुंची। देर शाम टीमें कुख्यात बदमाश विकास को लेकर कारों से रवाना हुईं।
सुबह करीब साढ़े छह बजे भौंती हाईवे पर महिंद्रा टीयूवी 100 पलट गई। बताया जा रहा अचानक सामने आए जानवर को बचाने में हादसा हो गया। विकास इसी कार में सवार था। कार पलटते ही विकास ने नवाबगंज इंस्पेक्टर रमाकांत पचौरी की पिस्टल लूटी और खेतों की तरफ भागा। दूसरी कार में सवार एसटीएफ की टीम ने विकास दुबे का पीछा करना शुरू किया। तभी विकास ने गोलियां चला दीं। एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई में विकास दुबे ढेर हो गया। पुलिस ने उसके पास से लूटी गई 9 एमएम की पिस्टल बरामद कर ली है।