तीनों अधिकारियों ने हलफनामा दाखिल कर बताया कि उन्हें गाइडलाइन और सर्कुलर की जानकारी तो थी, लेकिन चुनावी व्यस्तता के कारण प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं हो सका। कोर्ट ने इस हलफनामे पर असंतोष जताते हुए बेहतर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया था।
शासकीय अधिवक्ता एके संड ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन किया जा रहा है । उन्होंने अदालत को अवगत कराया कि कोर्ट के निर्देशानुसार और गैंगस्टर एक्ट के प्रावधानों के तहत राज्य स्तरीय सुपरवाइजरी कमेटी का गठन कर दिया गया है। सितंबर में इसकी बैठक होगी। हालांकि कोर्ट ने इस पर हैरानी जताई कि प्रमुख सचिव न्याय जो कि इस कमेटी के सदस्य हैं उनको इसकी जानकारी ही नहीं दी गई।
शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को आश्वस्त किया कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन कराया जा रहा है और उन्हें इसके लिए थोड़ा समय और दिया जाए। शासकीय अधिवक्ता के अनुरोध पर कोर्ट ने कोई विपरीत आदेश न पारित करते हुए अगली सुनवाई पर अपर मुख्य सचिव गृह को अनुपालन हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है।