अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस विजय मिश्र को फर्जी तरीके से फंसा रही है। यह वकीलों का अपमान है। वकालत पेशे से जुड़े होने के कारण वकील अपने मुवक्किल के संपर्क में रहता ही है। इस आधार पर वकीलों को गिरफ्तार कर प्रताड़ित करना गलत है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।
माफिया अतीक अहमद के अधिवक्ता विजय मिश्र की गिरफ्तारी के विरोध में कचहरी के अधिवक्ताओं ने बृहस्पतिवार को फिर आंदोलन किया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सड़क जाम कर दिया। इससे कुछ देर के लिए आवागमन प्रभावित हो गया। सूचना पाकर पुलिस के तमाम अधिकारी मौके पर पहुंच गए।
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अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस विजय मिश्र को फर्जी तरीके से फंसा रही है। यह वकीलों का अपमान है। वकालत पेशे से जुड़े होने के कारण वकील अपने मुवक्किल के संपर्क में रहता ही है। इस आधार पर वकीलों को गिरफ्तार कर प्रताड़ित करना गलत है। इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है।
अधिवक्ताओं ने कहा कि पुलिस गलत तरीके से अधिवक्ताओं को परेशान करने का कार्य कर रही है। यह नहीं रुका तो आगे कई और वकीलों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इससे निष्पक्ष होकर अधिवक्ता कार्य नहीं कर पाएंगे। पुलिस और प्रशासन अधिवक्ताओं को दबाव में लेने का प्रयास कर रही है। विजय मिश्र की गिरफ्तारी इसका जीता जागता उदाहरण है।