रेस्टोरेंट की आड़ में ब्लैकमनी व्हाइट करने का खेल
उधर जिस रेस्टोरेंट संचालक का नाम सामने आया है, वह भी लगातार उमेश पाल हत्याकांड के बाद भी अतीक के परिवार की मदद कर रहा था। यहां तक कि यह भी पता चला है कि वह अतीक व अशरफ की अवैध कमाई को रेस्टोरेंट के व्यापार में लगाकर व्हाइट मनी में बदलने का काम कर रहा था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद भी उसने अपने खाते से बड़ी रकम का लेनदेन किया। फिलहाल इस मामले में अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। एसीपी वरुण कुमार का कहना है कि विवेचना प्रगतिशील है, ऐसे में अभी कुछ भी कह पाना संभव नहीं है। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।