रेकी करने वाले आसिफ व उसके भाई के दोस्त
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनकी मुख्य आरोपी आसिफ दुर्रानी व उसके भाई राशिद दुर्रानी से दोस्ती है। आसिफ का मोहम्मद इरफान से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। उसी के कहने पर उन्होंने इरफान को लेकर मुखबिरी की थी। बताया था कि इरफान चाय की दुकान पर बैठा है। इस मुखबिरी के बाद आसिफ दुर्रानी, दिलशाद उर्फ साफान, राशिद दुर्रानी व एक अन्य ने सुनियोजित तरीके से इरफान को गोली मार दी। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त बाइक बरामद की गई है।
जमीन की कीमत 14-15 करोड़ रुपये
भतीजे सुफियान ने बताया कि चाचा इरफान की बेटी और आसिफ की बहन का एक ही घर में निकाह हुआ था। बहनोई की मौत के बाद से आसिफ की नजर जमीन पर थी। वर्तमान में गांव में स्थित जमीन की कीमत तकरीबन 14-15 करोड़ रुपये है। इसी जमीन को लेकर आसिफ रंजिश रखने लगा था और चाचा इरफान की हत्या कर दी।
आसपास के कई जिलों में दबिश
आरोपी हुसैन उर्फ प्लंबर और मोहम्मद वसीम उर्फ कबूतर ने आसिफ दुर्रानी व उसके भाई राशिद के कई ठिकानों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है। शुक्रवार को पुलिस की एक टीम ने ऐनुद्दीनपुर, गौसपुर, चकिया स्थित उनके घर पर एक बार फिर दबिश दी, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं लगा। वहीं, पुलिस की दूसरी टीम ने आसपास के कई शहरों में दबिश दी।
रेकी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जमीन के विवाद में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। मुख्य आरोपी समेत अन्य की तलाश की जा रही है, जल्द ही सभी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। - मनीष कुमार शांंडिल्य, डीसीपी नगर