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Prayagraj News: प्रोजेक्ट अलंकार में घोटाले की आशंका, 588 एडेड स्कूलों ने नहीं दिया हिसाब

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प्रोजेक्ट अलंकार योजना में करोड़ों रुपये के दुरुपयोग अथवा बड़े घोटाले की आशंका जताई जा रही है। सरकारी सहायता लेने वाले प्रदेश के 588 अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय अब शासन और शिक्षा विभाग के लिए चिंता का विषय बन गए हैं। दरअसल, दो से तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद अधिकतर स्कूलों ने न तो दूसरी किस्त का हिसाब दिया है, न ही तीसरी किस्त की मांग की है।
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योजना का उद्देश्य एडेड स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत कराना और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना था। इसके तहत प्रत्येक विद्यालय को अधिकतम 1.25 करोड़ रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान किया गया। विद्यालयों को अपनी ओर से 25 प्रतिशत अंशदान अलग खाते में जमा करना होता है। शेष 75 प्रतिशत राशि सरकार की ओर से तीन किस्तों में (40:40:20 फीसदी के अनुपात में) जारी की जाती है।
दो-दो साल बाद भी पूरा नहीं हुआ काम

जेडी अर्थ महेंद्र सिंह के अनुसार, योजना वर्ष 2023-24 में शुरू हुई थी, लेकिन अधिकतर एडेड स्कूल आज तक दूसरी और तीसरी किस्त की प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए। लखनऊ के नक्खास और ऐशबाग स्थित एक इंटर कॉलेज के लिए 25-25 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। जनवरी 2024 में पहली किस्त के रूप में 8.10 लाख रुपये जारी हुए। दूसरी किस्त फरवरी 2026 में दी गई। तीसरी किस्त की मांग अब तक नहीं की गई है।
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इसी प्रकार लखनऊ के ही राजेंद्र नगर स्थित एक कन्या इंटर कॉलेज को वर्ष 2024-25 में 1.25 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए। 26 मार्च 2025 को 50 लाख रुपये की पहली किस्त दी गई। स्कूल की ओर से दूसरी किस्त की मांग नहीं भेजी गई।

500 से अधिक स्कूलों पर उठे सवाल

विभागीय सूत्रों का कहना है कि 10 विद्यालयों को छोड़ दें तो प्रदेश के 588 एडेड स्कूल ऐसे हैं, जिन्होंने दूसरी और तीसरी किस्त की मांग ही नहीं की है। नियमानुसार पहली किस्त का उपभोग प्रमाण पत्र मिलने के बाद ही अगली किस्त जारी की जाती है। अधिकतर विद्यालय इस नियम का पालन नहीं कर रहे।


वर्जनएडेड स्कूलों की ओर से समय पर मांग न आने के कारण सरकार को योजना का बजट घटाना पड़ा। पहले इस योजना के लिए 300 करोड़ रुपये का बजट था। अब 100 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राजकीय स्कूलों में कोई समस्या नहीं है, लेकिन एडेड स्कूल न तो खर्च का विवरण दे रहे हैं, न ही तीसरी किस्त की मांग कर रहे हैं।
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मनोज कुमार द्विवेदी, अपर शिक्षा निदेशक (माध्यमिक)
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