Prohibition on canceling professor selection at Azad University
आजाद विश्वविद्यालय में प्रोफेसर चयन रद्द करने पर रोक
0 सवर्ण आरक्षण लागू करने के लिए रद्द किया गया है चयन
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चंद्र शेखर आजाद विश्वविद्यालय एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी कानपुर में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती का चयन रद्द करने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार सहित सभी पक्षकारों से चार सप्ताह में जवाब मांगा है । कोर्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय बोर्ड की 21 सितंबर 2019 को हुई बैठक में प्रस्ताव संख्या नौ में इस संबंध में लिए गए निर्णय को अगले आदेश तक प्रभाव न दिया जाए।
हरिशंकर व अन्य की याचिका पर यह आदेश न्यायमूर्ति सरल श्रीवास्तव ने दिया है। याची के अधिवक्ता सीमांत सिंह का कहना था कि विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर की भर्ती के लिए 14 मार्च 2018 को विज्ञापन निकाला गया याची ने डेयरी टेक्नोलॉजी के लिए सभी अहर्ताओं को पूरा करते हुए आवेदन किया था। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के बाद परिणाम घोषित नहीं किया गया। इसके बाद 21 सितंबर 2019 को पूरी चयन प्रक्रिया रद्द कर दी गई। बताया गया कि नई आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद से गरीब सवर्णों को आरक्षण देने के नियम के तहत नए सिरे से चयन प्रक्रिया अपनाई जानी है।
अधिवक्ता का कहना था कि नई आरक्षण व्यवस्था 13 अगस्त 2019 को लागू की गई जबकि, चयन प्रक्रिया इससे पहले पूरी की जा चुकी थी। इसलिए इस मामले में नया नियम लागू नहीं होगा। कोर्ट ने चयन रद्द करने के निर्णय पर रोक लगाते हुए जवाब तलब किया है।