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बुंदेलखंड की अन्ना प्रथा का हल निकाले सरकार

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Government should find a solution to Anna system of Bundelkhand
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बुंदेलखंड की अन्ना प्रथा का हल निकाले सरकार
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गोवंश संरक्षण की योजनाओं को अमली जामा पहनाने का हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
गायों को दुहने के बाद खुला छोड़ देने को कहते हैं अन्ना प्रथा
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने झांसी चित्रकूट धाम बुंदेलखंड क्षेत्र की अन्ना प्रथा का हल निकालने का निर्देश दिया है। इस क्षेत्र में गायों को दुहने के बाद खुला छोड़ दिया जाता है। इसे अन्ना प्रथा के नाम से जाना जाता है। जानवरों को खुला छोड़ देने से वह फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिसकी वजह से किसानों को काफी परेशानी हो रही है। इस समस्या को लेकर हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पशुओं के संरक्षण के लिए हो रहे प्रयास कागजी दिखाई दे रहे हैं। कोई भी जमीनी प्रयास दिखाई नहीं दे रहा है। कोर्ट ने झांसी मंडल व चित्रकूट धाम के आयुक्त को गो संरक्षण योजनाओं पर अमल करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर तथा न्यायमूर्ति विवेक वर्मा की खंडपीठ ने बुंदेलखंड किसान यूनियन की की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका की सुनवाई तीन जनवरी को होगी। याची के अधिवक्ता जितेंद्र प्रसाद मिश्र का कहना है कि बुंदेलखंड में आवारा पशुओं द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने से किसान परेशान हैं। सड़कों पर आवारा पशुओं से दुर्घटनाएं हो रही हैं और प्रशासन बुंदेलखंड इलाके में इस समस्या का समाधान करने का प्रयास नहीं कर रहा है। किसान फसल नष्ट होने से दुखी होकर आत्महत्या कर रहे हैं। याचिका में राज्य सरकार को गोवंश की सुरक्षा के इंतजाम करने की मांग की गई है। साथ ही शहरी क्षेत्रों में कान्हा पशु आश्रय योजना को लागू करने की मांग की गई है।
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राज्य सरकार ने कोर्ट में गिनाईं योजनाएं
राज्य सरकार की तरफ से बताया गया इस संबंध में 9866 .11 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। प्रदेश में जानवरों के 46 स्थायी आश्रय स्थल शहरी क्षेत्र में बनाए जाने हैं। सरकार शहरों में अवैध रूप से चल रही डेयरियों को शहर से बाहर शिफ्ट करने की योजना भी लागू कर रही है। 16 अक्तूबर 2018 को वृहद गौ संरक्षण केंद्र योजना 68 जिलों में प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। बुंदेलखंड के सात जिलों में हर एक में 120 लाख रुपये इसके लिए मंजूर किए गए हैं। 3400 लाख रुपये वृहद गौ संरक्षण केंद्र की स्थापना के लिए मंजूर हुए हैं, जिसमें कुल 8160 लाख का खर्चे का अनुमान है।
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