मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया लोकार्पण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
चाका ब्लाक के दांदूपुर गांव के लिए शनिवार का दिन बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पूर्व में तैयार मॉडल स्कूल को समाजवादी अभिनव विद्यालय और गांव को एलईडी विलेज तथा खुले में शौचालय जाने से मुक्त (ओडीएफ) गांव घोषित किया। कहा, यह गांव अपनी तरक्की की कहानी खुद कह रहा है। गांव के लोगों में तरक्की की भूख होती है, उन्हें रिश्ता निभाना आता है। इसलिए आज भी मुझे अपने गांव से पहले जैसा ही लगाव है। स्कूली बच्चे इस विद्यालय से पढ़कर देश-दुनिया में अपने गांव का नाम रोशन करें।
मुख्यमंत्री ने कहा, किसी भी गांव या समाज का विकास उसके शैक्षणिक विकास पर निर्भर करता है, दांदूपुर इसका उदाहरण है। उन्होंने दांदूपुर गांव के निवासी और इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन का उदाहरण देते हुए कहा, लोगों को उनसे सीख लेनी चाहिए। न्यायमूर्ति हसनैन ने शहर में रहकर भी गांव से अपना रिश्ता जोड़े रखा। इसी का परिणाम है कि दांदूपुर एक आदर्श गांव के रूप में हमारे सामने है।
न्यायमूर्ति शबीहुल हसनैन ने कहा, मुख्यमंत्री ने गांव में सड़क, बिजली, पानी, विद्यालय जैसी मूलभूत सुविधाएं देकर गांव को आदर्श गांव का तोहफा दिया है। प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा मंत्री बलराम यादव ने कहा, समाजवादी अभिनव विद्यालय की स्थापना मुख्यमंत्री की सराहनीय पहल है। इस स्कूल को पूर्व में मॉडल स्कूल के नाम से केंद्र एवं प्रदेश सरकार की ओर से विकसित होना था।
योजना से केंद्र सरकार के हाथ खींच लेने के बाद अब प्रदेश सरकार ने इसे समाजवादी अभिनव विद्यालय का दर्जा दिया है। यह प्रदेश का पहला अभिनव विद्यालय है। प्रदेश के सभी 18 मंडल मुख्यालयों से जुड़े जिलों में कुल 193 मॉडल स्कूल तैयार हैं। इनमें सीबीएसई की मान्यता लेकर पढ़ाई शुरू करनी थी, परंतु केंद्र सरकार की ओर से हाथ खींच लेने के बाद यह योजना रद्द करनी पड़ी। कार्यक्रम में सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार, निदेशक माध्यमिक शिक्षा अमरनाथ वर्मा, सचिव शैल यादव, जेडी महेंद्र कुमार सिंह, डीआईओएस कोमल यादव सहित बड़ी संख्या में अधिकारी मौजूद रहे। संचालन डॉ.रंजना त्रिपाठी ने किया।