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एकता, अखंडता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी

Sun, 24 Apr 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद व‌िश्वव‌िद्यालय - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ की पहल पर शनिवार को छात्रसंघ भवन में विद्यार्थियों के बीच फिल्म ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम’ दिखाई गई। फिल्म देखने के साथ विद्यार्थियों ने फिल्म निर्देशक विवेक अग्निहोत्री से सीधे संवाद भी किया। 
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बतौर मुख्य अतिथि भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह ने दो टूक कहा, बेमुला और कन्हैया का समर्थन करने वालों की राह गलत है। देश के विश्वविद्यालय और शिक्षण संस्थानों में देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी को मिलजुल कर निभानी होगी। कार्यक्रम अध्यक्ष हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने कहा, युवाओं को रचनात्मकता को बढ़ावा देना चाहिए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.आलोक पांडेय ने भी विचार व्यक्त किए। संयोजन और संचालन इविवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह ने किया।
फिल्म ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम’ में अनुपम खेर, पल्लवी जोशी, माही गिल समेत कई कलाकार है। चर्चा थी कि फिल्म के प्रमोशन को लेकर माही गिल और पल्लवी जोशी पहुंचेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आयोजकों की ओर से माही गिल और पल्लवी के बारे में लगातार गलत सूचनाएं दी जाती रहीं। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ.आलोक पांडेय ने आयोजकों की ओर से माफी मांगते हुए कहा, माही बीते एक माह से अस्वस्थ है, सो उन्हें प्रमोशन में पहुंचना ही नहीं था। वहीं आयोजकों ने कहा, सूचनाएं विवेक की सेक्रेटरी नैरीता दास गुप्ता ने दी थी, जिसके आधार पर जानकारियां दी गई।  
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फिल्म ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम’ के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने आरोप लगाया है कि देश के कई शैक्षिक संस्थाओं के परिसर बौद्धिक आंतकवाद का केंद्र बन रहे हैं जो कि देश की एकता, अखंडता और भविष्य के लिए घातक और दुर्भाग्यपूर्ण है। फिल्म के प्रमोशन के लिए इलाहाबाद पहुंचे निर्देशक विवेक ने कहा, फिल्म ‘बुद्धा इन अ ट्रैफिक जाम’ ऐसी ही सत्य घटनाओं पर आधारित है। फिल्म 2014 में बनी है लेकिन विरोध की वजह से फिल्म रिलीज नहीं हो सकी है। फिल्म आईआईटी और आईआईएम समेत कई विश्वविद्यालयों और अन्य शिक्षण संस्थानों में दिखाई जा रही है। जेएनयू समेत कई जगह इसका विरोध किया गया। तमाम विरोधों को झेलते हुए फिल्म 13 मई को प्रदर्शित होगी। फिल्म की शूटिंग बस्तर और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस हैदराबाद में की गई है। अगली फिल्म इमरजेंसी पर बनेगी, जिसकी शूटिंग इलाहाबाद में भी होगी।
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