कोविड के कारण तेजी से पिछड़े सत्र को पटरी पर लाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में विधि, परास्नातक एवं प्रोफेशनल पाठ्यक्रमों की विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं मार्च में ही पूरी करा ली गईं थीं। मूल्यांकन कार्य भी पूरा होने वाला है। विश्वविद्यालय प्रशासन इसी महीने रिजल्ट जारी करने की तैयारी में है। राज्य विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इसी सप्ताह परीक्षा केंद्रों की लिस्ट और परीक्षा कार्यक्रम जारी कर दिया जाएगा। मई के तीसरे सप्ताह में वार्षिक परीक्षाएं शुरू कराई जाएंगी।
कॉलेजों के 50 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त
प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भइया) राज्य विश्वविद्यालय ने वित्तविहीन संघटक कॉलेजों के 50 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त कर दिया है। इनमें प्रयागराज के 23, प्रतापगढ़ के 12, फतेहपुर के 10 और कौशाम्बी के पांच शिक्षक शामिल हैं। कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने शिक्षकों की ओर से दिए गए हलफनामा का परीक्षण करने के बाद यह निर्णय लिया है।
अब तक राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों में प्रबंध तंत्र मनमाने तरीके से शिक्षकों को बाहर का रास्ता दिखा देते थे। इस पर रोक के लिए यह निर्णय लिया गया कि अब कॉलेज अपने स्तर से शिक्षकों को नहीं हटा सकेंगे और शिक्षक भी अपनी मर्जी से कॉलेज नहीं छोड़ सकेंगे। इसके लिए उन्हें हलफनामा देना होगा।
इसके बाद कुलपति से मंजूरी मिलने पर ही शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त किया जा सकेगा। इस निर्णय के तहत मंडल के कई कालेजों से शिक्षकों ने विश्वविद्यालय को हलफनामा दिया था। प्रत्यावेदनों का परीक्षण करने के बाद कुलपति ने 50 शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त कर दिया। साथ ही कालेजों को निर्देश दिए कि इन शिक्षकों के नाम का प्रयोग न करें।