मूल्यांकन में साबित हुई सामूहिक नकल
वार्षिक परीक्षाओं के दौरान सभी केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में बनाए गए कंट्रोल रूम से नजर रखी जा रही थी। कई जगह देखने में आया कि छात्र एक साथ सिर उठाकर सामने देख रहे हैं और इसके बाद सिर नीचे कर एक साथ लिख रहे हैं। ब्लैक बोर्ड की तरफ सीसीटीवी कैमरे नहीं थे। वहीं, कई जगह से उड़ाका दलों ने भी सामूहिक नकल की सूचना दी थी। सीसीटीवी कैमरे एवं उड़ाका दलों की रिपोर्ट के आधार पर ऐसे कॉलेजों को चिह्नित कर उनकी कॉपियों का अलग से मूल्यांकन कराया गया तो परीक्षार्थियों की कॉपियों में एक-एक शब्द और वाक्य मिल रहे थे। यहां तक कि गलतियां भी एक जैसी थीं।
अभी और बढ़ेगा कार्रवाई का दायरा
राज्य विश्वविद्यालय में सामूहिक नकल के मामले में कार्रवाई का दायरा अभी और बढ़ेगा। सत्र 2021-22 की स्नातक प्रथम एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं का मूल्यांकन भी चल रहा है। इसमें भी सीसीटीवी कंट्रोल रूम और उड़ाका दलों की रिपोर्ट के आधार पर चिह्नित कॉलेजों का मूल्यांकन अलग से कराया जा रहा है। प्रथम एवं द्वितीय वर्ष में भी अगर सामूहिक नकल के मामले सामने आते हैं तो दोषी परीक्षार्थियों को एक वर्ष के लिए डिबार किया जाएगा।