इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर के जनकपुरी थाने में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अमित को सशर्त जमानत दे दी। साथ ही विवेचना में लापरवाही पर एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सहारनपुर के जनकपुरी थाने में दर्ज नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी अमित को सशर्त जमानत दे दी। साथ ही विवेचना में लापरवाही पर एसएसपी को जांच के आदेश दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकल पीठ ने दिया है।
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याची के अधिवक्ता ने दलील दी मामले में सह-आरोपी एक युवक पर पीड़िता को प्रेम संबंध में फंसाकर संबंध बनाने और अपने दोस्त अमित के साथ भी संबंध बनाने के लिए प्रेरित करने का आरोप है। पीड़िता ने अपने प्रारंभिक बयान में कहा था कि अमित ने केवल सह-आरोपी के कहने पर उसे मोबाइल फोन दिया था, जिससे वह बात करती थी।
अमित के खिलाफ कोई प्रत्यक्ष आरोप नहीं लगाया था। बाद में अपने बयान में उसने कथित अश्लील वीडियो के आधार पर अमित पर भी दुष्कर्म का आरोप लगाया। बचाव पक्ष और सरकारी वकील दोनों ने स्वीकार किया कि कथित अश्लील वीडियो पुलिस बरामद नहीं कर सकी। अदालत ने पीड़िता के परस्पर विरोधी बयानों, वीडियो की गैर-बरामदगी, जेलों में भीड़भाड़, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए जमानत मंजूर की। साथ ही अदालत ने विवेचक की ओर से आरोपी का मोबाइल जब्त न करने और एफएसएल जांच न कराने को गंभीर लापरवाही मानते हुए सहारनपुर के एसएसपी को जांच कर संबंधित विवेचक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया।