आगामी विधानसभा चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में प्रियंका गांधी के आने की खबरों के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के दायें हाथ माने जाने वाले जनार्दन द्विवेदी भी फिर सक्रिय नजर आने लगे हैं। जनार्दन कांग्रेस के उन कद्दावर नेताओं में से हैं, जिन्होंने प्रियंका को सक्रिय राजनीति में लाने की वकालत की थी। शहर आए जनार्दन द्विवेदी राजनीति टिप्पणी करने से हिचकते रहे, लेकिन पुरनियों से मिलकर शहर की नब्ज टटोलने की कोशिश की। उन्होंने कॉफी हाउस में भी कुछ समय बिताया।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जनार्दन द्विवेदी ने अप्रैल 2013 में प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में लाए जाने की वकालत की थी। हालांकि इस मुद्दे पर विवाद के बाद पार्टी में उनकी सक्रियता भी कुछ कम हो गई। इस मामले में वह बयान देने से भी कतराने लगे। अब प्रियंका गांधी का नाम फिर सामने आ रहा है। अब राजनैतिक मामलों के विशेषज्ञ प्रशांत किशोर ने यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रियंका को सक्रिय राजनीति में लाने की वकालत की है। इस बार पार्टी भी इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। ऐसे में प्रियंका के पक्षधर जनार्दन द्विवेदी सहित कई नेताओं का सक्रिय होना लाजिमी है। हालांकि जनार्दन द्विवेदी यहां रविवार को आयोजित इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पुराछात्रों के सम्मेलन ‘प्रयाग पर्व’ में शामिल होने आए हैं।
इलाहाबाद आने पर उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी और किसी भी तरह की राजनैतिक टिप्पणी से भी इनकार किया। कहा कि उन्होंने 50 साल पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए किया था। यहां आकर उनकी यादें ताजा हो गईं। जनार्दन विश्वविद्यालय, केपीयूसी हॉस्टल, हीवेट रोड, कॉफी हाउस सहित शहर में कुछ अन्य स्थानों पर भी गए। पार्टी सूत्रों ने बताया कि उन्होंने कुछ पुराने स्थानीय नेताओं से अनौपचारिक रूप से मुलाकात कर यहां के राजनैतिक माहौल की नब्ज टटोलने की कोशिश की। जनार्दन का यह दौरा नवंबर में यहां आयोजित होने जा रहे इंदिरा गांधी के जन्म शताब्दी समारोह से जोड़कर भी देखा जा रहा है। कुछ दिनों पहले इलाहाबाद आईं सोनिया गांधी कार्यकर्ताओं से कह गई हैं कि इंदिरा के जन्म शताब्दी समारोह के साथ कांग्रेस यूपी में चुनावी बिगुल फूंकेगी।