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चार लोगों की हत्या और सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी ने नैनी सेंट्रल जेल में गमछे से फांसी लगाई, हालत नाजुक

Wed, 11 Nov 2020 11:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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फांसी लगाई
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केंद्रीय कारागार नैनी में बुधवार की रात नवाबगंज के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के आरोपी विचाराधीन कैदी ने पेड़ में गमछे के फंदे से फांसी लगा लिया। पता चलने पर जेल में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उसे फंदे से नीचे उतारा गया। उसे जेल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी सांसे चल रहीं थीं, जिसके बाद उसे एसआरएन अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।

 

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नैनी जेल के बैरक नंबर चार में बंद विचाराधीन कैदी नीरज मौर्या (26) पुत्र गुलाब चंद्र मौर्या निवासी लखनपुर, नवाबगंज नवाबगंज के जूड़ापुर गांव में गत 23/24 अप्रैल 2017 की रात में हुई चार लोगों की हत्या के आरोपी है। साथी कैदियों के मुताबिक वैसे तो वह ठीकठाक रहता था लेकिन कभी कभी अवसाद में चला जाता था।

बुधवार रात में करीब नौ बजे वह बैरक नंबर चार में बने फिनायल गोदाम के पीछे पेड़ में गमछे के फंदे पर फांसी पर लटक गया। उधर गए एक अन्य कैदी की नजर पड़ी तो उसने शोर मचाया। लोग दौड़े। उसे फंदे से नीचे उतारा गया और जेल अस्पताल ले जाया गया। वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय ने बताया कि उसकी हालत बहुत गंभीर थी। उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। 
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जिस दिन बहन की बारात आई थी, उसी दिन नीरज ने की थीं हत्याएं

नवाबगंज के एक गांव में दंपती सहित उनकी दो बेटियों की 23 अप्रैल 2017 की रात में जघन्य हत्या कर दी गई थी। चार लोगों की हत्या से पूरे जिले में कोहराम मच गया था। आरोपियों ने हत्या से पहले 17 और 20 वर्षीय दोनों बेटियों के साथ दुष्कर्म भी किया गया था। इस जघन्य हत्याकांड के बाद परिवार में एक बेटा जो उस वक्त प्रतापगढ़ में परीक्षा देने गया था एक बेटी जो शिमला में रहती थी ही बचे थे।

बेटे ने शिवबाबू यादव, भल्लू यादव, जवाहरलाल, बाके यादव, नवीन यादव व नागेंद्र यादव के खिलाफ हत्या और सामूहिक बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था, लेकिन जब जांच हुई तो मामला पलट गया। 17 जुलाई 2017 को पुलिस ने नीरज मौर्या, मोहित पाल, प्रदीप पटेल और सत्येंद्र पटेल के नामों का खुलासा किया। जिसमें बताया गया कि नीरज और मारी गई 17 वर्षीय लड़की एक प्राइवेट विद्यालय में एक साथ पढ़ाते थे।

उनका आपस में प्रेम प्रंसग काफी दिनों से चल रहा था, लेकिन घटना से कुछ दिन पहले लड़की ने नीरज से बातचीत बंद कर किसी और लड़के के करीब हो रही थी। इसी बात को लेकर दोनों में विवाद हुआ था। नीरज ने सात हजार रुपये लड़की को उधार दिए थे। वह अपने पैसे भी मांग रहा था।

पैसे देने के बजाय लड़की ने एक दिन उसे गाली दे दी। जिससे बौखलाए नीरज ने लड़की को पूरे परिवार के साथ खत्म करने का निर्णय ले लिया था। 23 अप्रैल 2017 की रात नीरज मौर्या की बहन की शादी थी। घर में बहन की शादी हो रही थी और वह अपने साथियों के साथ रात में लड़की के घर पहुंचकर सामूहिक दुष्कर्म और जघन्य हत्या की वारदात को अंजाम दे रहा था। तब से वह जेल में था। 

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