सपा के एक वरिष्ठ नेत का नाम भी भाजपा से टिकट की मांग करने वालों की सूची में शामिल है। इसके अलावा कांग्रेस से दावेदारों की सूची में भी उनका नाम शामिल है। कांग्रेस से उनकी दावेदारी पक्की भी हो गई है। हालांकि, कांग्रेस के स्थानीय नेताओं का विरोध आड़े आ रहा है।
कांग्रेस के एक बड़े नेता का कहना है कि अभी भाजपा से टिकट तय नहीं हुए हैं। भाजपा से प्रत्याशी घोषित होने के बाद ही तय हो पाएगा अब किन नामों पर विचार किया जाना है। सपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि सियासत में आस्था मायने नहीं रखती। कई राजनीतिक परिवार चुनाव लड़े बिना नहीं रह सकते। उनकी पहचान ही सियासी है। इसलिए उनकी तरफ से हमेशा विकल्प खुले रहते हैं।
पुरानी है दल बदलने की परिपाटी
दलगत आस्था बदलने का दौर इन दिनों बढ़ जरूर गया है, लेकिन पहले भी कई नेता पार्टी बदलकर संसद पहुंचने में सफल रहे हैं। इनमें पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह, जंगबहादुर पटेल, रामपूजन पटेल समेत कई बड़े नेता शामिल हैं।
प्रमुख नेता जो अलग-अलग दलों से लड़े लोकसभा चुनाव
- विश्वनाथ प्रताप सिंह - कांग्रेस, निर्दलीय, जनता दल
- हेमवती नंदन बहुगुणा - कांग्रेस, लोकदल
- रामपूजन पटेल - कांग्रेस, जनता दल
- बेनी माधव बिंद - बीएसपी, भाजपा
- जंग बहादुर पटेल - बसपा, सपा
- श्यामा चरण गुप्ता - भाजपा, सपा
- धर्मराज पटेल - सपा, कांग्रेस
- डॉ.रीता बहुगुणा जोशी - कांग्रेस, भाजपा
- अतीक अहमद - सपा, अपना दल
- केशरी देवी पटेल - बसपा, भाजपा
- योगेश शुक्ला - भाजपा, कांग्रेस
- नंद गोपाल गुप्ता नंदी - कांग्रेस से चुनाव लड़े, अब भाजपा में
- अशोक बाजपेई - बसपा से चुनाव लड़े, अब भाजपा में
- डॉ.केपी श्रीवास्तव - बसपा से चुनाव लड़े, अब भाजपा