चंद्रशेखर आजाद पार्क में मुफ्त प्रवेश का मामला विधान परिषद के विनियमन समिति के पास पहुंच गया है। बुधवार को इलाहाबाद के दौरे पर आए समिति के सदस्यों ने उद्यान विभाग के अफसरों से जवाब मांगा लेकिन संतुष्ट नहीं हुए। इस पर उन्होंने प्रमुख सचिव उद्यान को तलब किया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परेड मैदान में आयोजित कार्यक्रम में आजाद पार्क में मुफ्त प्रवेश की घोषणा की थी। उन्होंने मंच पर ही मौजूद नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से बजट का इंतजाम करने के लिए कहा था। इनसे पहले उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पार्क में मुफ्त प्रवेश की घोषणा की थी। वह लगातार इस घोषणा को दोहराते भी रहे लेकिन करीब एक वर्ष बाद भी इस पर अमल नहीं हुआ। अब मामला विधान परिषद में पहुंच गया है। सदस्यों ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया है और सरकार से जवाब मांगा है। विनियम समिति के सदस्यों ने उद्यान विभाग के अफसरों से इसे लेकर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। लेकिन सदस्य जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। समिति के सभापति दीपक सिंह का कहना है कि जब सरकार भी चाह रही है तो पार्क में मुफ्त प्रवेश में क्या अड़चन हैं। उन्होंने बताया कि इस पर विस्तार से चर्चा के लिए विभाग के प्रमुख सचिव को बुलाया गया है। 15 दिन के भीतर उन्हें जवाब देना है।
विधान परिषद विनियमन समिति के सदस्यों की कसौटी पर यहां के अफसर खरे नहीं उतरे। तैयारियों और जवाब से अंसतुष्ट सदस्यों ने अफसरों की क्लास ली तथा तल्ख टिप्पणी की। समिति ने डीएम के साथ माध्यमिक शिक्षा, राजस्व विभाग और नगर निगम के अफसरों को 15 दिन के भीतर लखनऊ तलब किया है।
विधान परिषद की कार्रवाई में सूचीबद्ध सात विभागों के दो दर्जन से अधिक मामलों में हुई कार्रवाई की बाबत जानकारी लेने के लिए 15 सदस्यीय समिति बुधवार को इलाहाबाद में थी। प्रकरण माध्यमिक शिक्षा, नगर निगम, बिजली, पुलिस, राजस्व, उद्यान और चिकित्सा एवं शिक्षा विभाग से संबंधित थे। इनमें से एक प्रकरण स्कूल में शिक्षकों तथा कर्मचारियों के रिक्त पदों से संबंधित था। इन पदों पर भर्ती क्यों नहीं हो पा रही है, माध्यमिक शिक्षा के अफसर इसका संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसी तरह से शहर में गंदगी, कूड़ा निस्तारण, पेयजल आदि की शिकायत पर सदस्यों ने नगम निगम के अफसरों से जवाब मांगा।
बैरहना में कूड़ा नहीं उठने की शिकायत तथा इस बाबत अफसरों के जवाब से सदस्य ज्यादा नाराज दिखे। इसी तरह से एक प्रकरण चायल के गणेशगंज में एक महिला को बेघर करने का था। शिकायत हुई थी कि कुछ लोगों ने अन्नपूर्ण मिश्रा को बेदखल करके कब्जा कर लिया है। इस पर डीएम ने तत्काल निस्तारण का आश्वासन दिया लेकिन सदस्य इससे संतुष्ट नहीं हुए। समिति ने डीएम के साथ तीनों विभागों के अफसरों को पूरी तैयारी के साथ लखनऊ तलब किया है। सदस्य अन्य विभाग के अफसरों के जवाब से भी पूरी तरह से संतुष्ट नहीं रहे। सभापति दीपक सिंह ने टिप्पणी भी कि ‘कमेटी आपके काम से संतुष्ट नहीं है। आपकी तैयारी पूरी नहीं है। आगे से इसका ध्यार रखें।’ समिति में विधान परिषद के सदस्य रमेश मिश्रा, यज्ञदत्त शर्मा, घनश्याम तथा अफसर शामिल रहे। समिति बृहस्पतिवार को प्रतापगढ़ में समीक्षा करेगी।
नखास कोहना सेवई मंडी में महीनों से पेयजल आपूर्ति नहीं हो रही है। वहां नई पाइप लाइन बिछाई जानी है, लेकिन इसका प्रस्ताव शासन में मंजूरी के लिए लटका है। पार्षद मुमताज ने इस मुद्दे को विधान परिषद विनियमन समिति के सदस्यों के समक्ष फिर से उठाया। इस पर संतोषजनक जवाब न मिलने पर सदस्यों नगर निगम के अफसरों पर नाराजगी जताई और निर्देश दिए।