प्राचार्य पद के लिए अनर्ह घोषित किए गए अभ्यर्थियों से उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) ने छह अक्तूबर तक आपत्तियां मांगी थीं। यह तिथि बढ़ाकर अब नौ अक्तूबर कर दी गई है। प्राचार्य के 290 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 29 अक्तूबर को प्रस्तावित है। यूपीएचईएससी ने आवेदनों के परीक्षण के बाद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग एवं राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता पूर्ण न करने के कारण 24 सितंबर को 219 अभ्यर्थियों को अनर्ह घोषित कर दिया था। आयोग ने बाद में अनर्ह अभ्यर्थियों की सूची में पांच अन्य नाम भी शामिल कर लिए थे। अनर्ह अभ्यर्थियों की संख्या बढ़कर 224 हो गई है, जबकि आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की कुल संख्या 1200 के आसपास है।
आयोग ने अभ्यर्थियों को अनर्ह घोषित किए जाने का कारण भी स्पष्ट किया है। ज्यादातर अभ्यर्थी आवेदन की अंतिम तिथि को न्यूनतम 15 वर्ष की नियमित सेवा पूर्ण नहीं कर रहे हैं और एपीआई स्कोर 400 से कम है। इसके अलावा कई अन्य कारण भी हैं। संशोधित सूची आयोग के पोर्टल पर अपलोड की जा चुकी है। अर्ह अभ्यर्थियों से अब नौ अक्तूबर तक आपत्तियां मांगी गईं हैं। आयोग के उप सचिव डॉ. शिवजी मालवीय के अनुसार अनर्ह घोषित किए गए अभ्यर्थियों को अपनी अर्हता के संबंध में अगर कुछ कहना है कि तो प्रमाण के साथ अपना प्रत्यावेदन नौ अक्तूबर तक आयोग कार्यालय में उपलब्ध करा दें।