पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार को महिला शिक्षिकाओं के साथ अभद्र आचरण का दोषी पाया गया है। महिला शिक्षिकाओं की शिकायत पर शासन की ओर से सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी नीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बुधवार को शासन को भेज दी है।
जांच कमेटी ने शिक्षिकाओं के यौन उत्पीड़न वाले मामले की दोबारा जांच की सिफारिश की है। जिससे सच्चाई सामने आ सके। इलाहाबाद के बीएसए रहे राजकुमार के खिलाफ महिला शिक्षिकाओं ने यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए प्रदेश के मुख्यमंत्री सहित अन्य अधिकारियों से दो वर्ष पूर्व शिकायत की थी। इस दौरान शुरू हुई विभागीय जांच में देरी को देखते हुए पीड़ित शिक्षिकाओं ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की।
हाईकोर्ट की फटकार के बाद शासन ने राजकुमार को इलाहाबाद के डीआईओएस पद से हटाने के साथ मामले की जांच के लिए नीना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की थी। इस कमेटी में जेडी फाइनेंस डॉ. अंजना गोयल, जेडी गायत्री एवं डीडीआर अनिल भूषण को शामिल किया था।