कोरोना की वैक्सीन अभी भले ही न बनी हो, लेकिन इसे सुरक्षित रखने के लिए शासन ने तैयारी शुरू कर दी है। शासन स्तर से स्वास्थ्य विभाग को वैक्सीन की अनुमानित आवश्यकता, वैक्सीन को सुरक्षित रखने और इसे जिले के अलग-अलग अस्पतालों तक पहुंचाने की व्यवस्था के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। स्वास्थ्य विभाग को 15 दिसंबर तक इस बारे में रिपोर्ट भेजनी है। बताया जा रहा है कि पहले चरण में रूबैला अभियान की तर्ज पर पहले चरण में करीब 25 लाख वैक्सीन मंगाने की तैयारी है।
जिले में इस पखवारे के पहले तक कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा था। हर दिन नए मरीज सामने आ रहे थे, लेकिन इधर दो दिन से जीरो डेथ के साथ संक्रमितों की संख्या भी कम हुई। अब तक मिले मरीजों के अनुपात में जिले में अन्य जिलों की अपेक्षा ज्यादा वैक्सीन की जरूरत होगी।
अनलॉक -5 शुरू होने के बाद पाबंदियां लगभग न के बराबर हो गई हैं। कोरोना वैक्सीन अभी देश ही नहीं विदेशों में भी ट्रायल स्तर पर है। पर शासन अभी से कोरोना वैक्सीन के वितरण को लेकर मंथन कर रहा है। केंद्र के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने जिलावार सीएमओ को पत्र भेजकर वैक्सीन के रखरखाव, कोल्ड चेन तथा वितरण के संबंध में पूरी जानकारी मांगी है।
स्वास्थ्य विभाग प्रतिरक्षण अनुभाग से इस संबंध में जानकारियां एकत्र करा रहा है। फिलहाल सीएमओ ने अपने कार्यालय और बेली अस्पताल के पास 500 वर्ग फीट जमीन कोरोना वैक्सीन रखने के लिए स्टोर निर्माण यानी कोल्ड रूम बनाने के लिए चिह्ति कर दी है। शासन की अनुमति पर जल्द ही चिह्ति भूमि पर निर्माण शुरू होगा। वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन बनाए रखने की तैयारी पूरी है। अब शहर और ब्लाक वार वैक्सीन की आवश्यकता का आकलन कराया जा रहा है। अनुमान के मुताबिक पहली खेप में करीब 25 लाख वैक्सीन मांगी जाएंगी। फिर जरूरत के हिसाब से इंडेंड भेजा जाएगा।
- बेली अस्पताल के पास विभाग की खाली जमीन को कोरोना वैक्सीन के लिए कोल्ड चेन स्थापना के लिए चयनित की गई है। कोविड-19 की वैक्सीन नए कोल्ड रूम यानी कोल्ड चेन में रखी जाएगी। यहीं से तहसीलों और कोविड अस्पतालों को वैक्सीन भेजी जाएगी। वैक्सीन कब आएगी इस संबंध में जानकारी नहीं है। फिलहाल रूबैला अभियान को रोल मॉडल की तरह मानकर तैयारी की जा रही है। --मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी, सीएमओ