वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को घेरने की तैयारी अभी से शुरू हो गई हैं। इसी सिलसिले में गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी करने वाले हार्दिक पटेल को आगे बढ़ाया जा रहा है। हार्दिक 31 दिसंबर को इलाहाबाद आ रहे हैं। कार्यक्रम में उनके साथ किसानों के मुद्दे पर लोकसभा एवं भाजपा से इस्तीफा देने वाले सांसद नाना भाई पटोले समेत पटेल बिरादरी के बड़े नेता आ रहे हैं। हालांकि आयोजक इसके पीछे किसी राजनीतिक हित साधने की मंशा से इनकार कर रहे हैं।
सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर पटेल संस्थान अलोपीबाग में होने वाले किसानों एवं युवाओं के समागम में पिछड़ों और दलितों और किसानों को गोलबंद करने की तैयारी है। आयोजक इस कार्यक्रम को नितांत सामाजिक बता रहे हैं, लेकिन इसके पीछे भाजपा को घेरने की रणनीति मानी जा रही है। कार्यक्रम को कांग्रेस के प्रभाव वाला माना जा रहा है। वहीं किसान और पिछड़ों को साधने की इस सियासी हलचल में समाजवादी पार्टी का हाथ होने से इनकार नहीं किया जा सकता। दोनों दलों के नेता इस बारे में अनभिज्ञता जता रहे हैं। यह तय है कि भाजपा के लिए यह गोलबंदी नए सियासी गठजोड़ का संकेत है।
गुजरात में किसानों की परेशानियों का मुद्दा उठाकर चर्चा में आए हार्दिक पटेल ने गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के बड़े नेताओं को उन्होंने अपने तीखे सवालों से घेरा। वहां हार्दिक की रणनीति ने कई भाजपा प्रत्याशियों की गणित बिगाड़ दी। भाजपा के सांसद नाना भाई पटोले ने किसानों के मुद्दे पर हार्दिक के सुर से सुर मिलाए और भाजपा हाईकमान को आइना भी दिखाया। इस पर पार्टी के लोगों ने उनका विरोध किया तो सांसद पटोले ने लोकसभा एवं भाजपा सदस्यता से इस्तीफा देकर हार्दिक की विचारधारा को किसान हितकारी बताया। हार्दिक और पटोले की जोड़ी ने गुजरात के बड़े नेताओं को आकर्षित किया। शायद यही कारण है कि इलाहाबाद में हार्दिक के साथ राष्ट्रीय बिंद समाज के अध्यक्ष राजेंद्र बिंद, रिटायर्ड आईएएस डॉ. बीएस निरंजन एवं पूर्व पीसीएस अधिकारी वीपी सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान-कमेरा-दलित और पिछड़े वर्ग के लोग शामिल होंगे।
सरदारवादी विचारधारा आयोजन समिति की ओर से 31 दिसंबर सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती पर पटेल संस्थान अलोपी बाग में किसानों एवं युवाओं का समागम होगा। इस समागम में गुजरात के पाटीदार नेता हार्दिक पटेल को युवा अपने खून से तौलेंगे। यह जानकारी आयोजन समिति के संयोजक डॉ. आरएस पटेल ने दी।