रेलवे प्रशासन प्रयागराज जंक्शन से बिना रुके गुजरने वाली 24 नॉन-स्टॉप ट्रेनों के ठहराव की तैयारी कर रहा है। इसके लिए उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) की ओर से रेलवे बोर्ड को एक विस्तृत प्रस्ताव भेजा जा रहा है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलते ही सियालदह राजधानी, अगरतला राजधानी जैसी प्रीमियम ट्रेनें भी जंक्शन पर रुकेंगी।
दरअसल, प्रयागराज जंक्शन प्रदेश का एक प्रमुख रेलवे हब है। यहां से रोजाना, साप्ताहिक और द्विसाप्ताहिक मिलाकर करीब 284 ट्रेनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद वर्तमान में करीब 15 जोड़ी यानी 30 ऐसी वीआईपी ट्रेनें हैं, जो नहीं रुकती हैं।
प्रयागराज का धार्मिक, प्रशासनिक और शैक्षणिक महत्व होने की वजह से लंबे समय से इन सभी ट्रेनों को यहां रोकने की मांग उठ रही थी। पिछले दिनों सांसदों और उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) नरेश पाल सिंह के बीच हुई बैठक में इस मुद्दे को पूरी गंभीरता से उठाया गया था।
तर्क दिया था कि कुंभ और माघ मेले की इस धरती पर देश भर से श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहता है, ऐसे में यहां से गुजरने वाली किसी भी ट्रेन का नॉन-स्टॉप निकलना न्यायसंगत नहीं है। इस पूरे मामले में रेलवे प्रशासन ने स्थानीय सांसद प्रवीण पटेल को लिखित रूप में सूचित करते हुए आधिकारिक जानकारी साझा की है।
रेलवे की ओर से बताया गया है कि प्रयागराज जंक्शन से गुजरने वाली सभी नॉन-स्टॉप ट्रेनों के ठहराव (हॉल्ट) का आधिकारिक प्रस्ताव तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा जा रहा है। बोर्ड से अंतिम मंजूरी मिलते ही इन वीआईपी ट्रेनों की समय सारिणी में बदलाव कर प्रयागराज जंक्शन को नए स्टॉपेज के रूप में जोड़ दिया जाएगा।
रेल प्रशासन ने लिखित रूप से जानकारी दी है कि प्रयागराज जंक्शन पर सियालदाह राजधानी समेत 24 ट्रेनों के ठहराव का प्रस्ताव रेलवे बोर्ड को भेजा जा रहा है। - प्रवीण पटेल, सांसद फूलपुर