तमाम कोशिशों के बावजूद आईजीआरएस रैंकिंग में प्रयागराज ऊपर नहीं उठ पा रहा है। शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। डीएम मनीष कुमार वर्मा और एडीएम स्तर के अधिकारी खुद शिकायतकर्ताओं से बात कर उनका फीडबैक ले रहे हैं।
इस बीच तकरीबन सभी तहसीलों में नए उपजिलाधिकारियों ने कमान संभाल ली है और उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती शिकायतों का समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण है। आए दिन प्रतिकूल प्रविष्टियां, कारण बताओ नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
शनिवार को ही जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर विभिन्न विभागों के 17 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस, प्रतिकूल प्रविष्टि व चेतावनी जारी की गई है। आईजीआरएस में प्रयागराज की प्रदेश में 67वीं रैंक है जबकि कुछ माह पहले प्रयागराज की रैंक 11 नंबर पर पहुंच गई थी।
ऐसे में तहसीलों की कमान संभालने वाले नए उपजिलाधिकारियों पर शिकायतों के समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण का दारोमदार है। विधानसभा चुनाव भी करीब हैं, सो समीक्षा भी तेज हो गई है और शिकायतों के निस्तारण के मामले में हर अधिकारी व कर्मचारी की जवाबदेही तय की जा रही है।